रोज 15 मिनट Surya Namaskar और प्राणायाम, बढ़ेगी Immunity, दूर होगी Vitamin D की कमी

By दिव्यांशी भदौरिया | Jan 23, 2026

आधुनिक जीवनशैली के चक्कर में लोग अपनी सेहत पर ध्यान देना भूल ही गए हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट ने माना है कि विटामिन डी केवल एक पोषक तत्व ही नहीं, बल्कि ऊर्जा है। जब इसकी कमी होती है, तब हड्डियां, दिल, ब्रेन और कोशिकाएं कमजोर पड़ने लगती हैं। क्या आप जानते हैं कि विटामिन डी बढ़ाने के लिए हर बार दवाइयों या सप्लीमेंट्स की जरुरत नहीं होती। योग, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और सुबह की धूप, इन सभी तरीकों से शरीर को प्राकृतिक रुप से हेल्दी बनाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

आज  Urban सिटी में  Vitamin D Deficiency गंभीर हेल्थ समस्या बन गया है। ऑफिस कल्चर, इंडोर लाइफस्टाइल, प्रदूषण और खुले स्थानों की कमी के कारण शरीर सूर्य-ऊर्जा को ठीक से ग्रहण नहीं कर पा रहा है। यौगिक विज्ञान में सूर्य को ऊर्जा, इम्यूनिटी और जीवन शक्ति का स्रोत माना गया है, हालांकि विटामिन डी कमी से शरीर अंदर से कमजोर हो जाता है।

जब धूप भरपूर है तो विटामिन D कम क्यों?

 - लोग ज्यादा समय तक घर के अंदर रहते हैं

  - ढकी हुई गाड़ियों में सफर

  - जरुरत से ज्यादा सनस्क्रीन

  - शरीर को ढकने वाले कपड़े

  - वायु प्रदूषण

 सूर्य नमस्कार से कैसे बढ़ता है विटामिन डी

सुबह सूर्य उगते ही सूर्य नमस्कार करना चाहिए। क्योंकि सूर्य की किरणें सॉफ्ट और फायदेमंद होती हैं। इस समय शरीर सुरक्षित रुप से UV-B किरणें ग्रहण कर सकता है। अब सवाल उठता है कि सूर्य नमस्कार करने से क्या होता है।

  - ब्लड सर्कुलेश बढ़ाता है।

  - मणिपूर चक्र को एक्टिव करता है।

  - शरीर को सूर्य-ऊर्जा ग्रहण करने के लिए तैयार करता है।

प्राणायाम कैसे बढ़ाता है इम्यूनिटी और ऊर्जा?

- कपालभाति सौर ऊर्जा को एक्टिव करता है।

  - अनुलोम-विलोम इड़ा-पिंगला नाड़ियों को संतुलित करता है।

  - ऑक्सीजन और प्राण प्रवाह बढ़ाता है।

 - इससे शरीर विटामिन-डी को बेहतर तरीके से उपयोग करने लगता है।

सूर्य नमस्कार कब और कितनी देर करें?

 सूर्य नमस्कार करने के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, विशेषकर सुबह 6 से 8 बजे के बीच। इस समय सूर्य की किरणें कोमल होती हैं और शरीर को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं। आमतौर पर सूर्य नमस्कार के 12 से 24 चक्र किए जा सकते हैं। जो लोग शुरुआत कर रहे हैं, वे पहले 4 से 6 चक्रों से आरंभ करें और अभ्यास बढ़ने के साथ धीरे-धीरे संख्या में वृद्धि करें।

क्या सूर्य नमस्कार विटामिन डी सप्लीमेंट का विकल्प है?

नियमित रुप से सूर्य नमस्कार करने और धूप शरीर की प्राकृतिक क्षमता को बढ़ाते हैं। लंबे समय में यह विटामिन डी के स्तर को संतुलित रखती है। क्योंकि विटामिन-D की कमी की स्थिति में सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरुरी है।

क्या रेगुलर योग और धूप विटामिन D बढ़ाते हैं?

यह बिल्कुल सच है कि आप नियमित रुप से योग करना और सुबह की धूप शरीर की मेटाबॉलिक अग्नि को जाग्रत करती है। इससे शरीर सूर्य-ऊर्जा को बेहतर तरीके से ग्रहण करने लगता है और समय के साथ विटामिन-D का लेवल सही होने लगता है।

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