By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 01, 2025
यश धुल के इंस्टाग्राम अकाउंट पर नवीनतम पोस्ट रहस्यमयी है। इसमें लिखा है - ‘अब भी यहां’। हालांकि इसका सटीक अर्थ निकालना मुश्किल है लेकिन ये दो शब्द शायद उस राहत का एहसास दिलाते हैं जो अब दिल्ली के इस बल्लेबाज में व्याप्त है।
धुल ने उत्तर क्षेत्र को दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचने में मदद करने के बाद कहा, ‘‘कठिन समय ने मुझे अपने बारे में, अपने खेल के बारे में, अपने जीवन के बारे में बहुत कुछ सिखाया। कैसे आगे बढ़ना है, कैसे सुधार करना है। बहुत कुछ हुआ है। अब मैं बस अपने खेल का आनंद लेता हूं, उस पर समय बिताता हूं और इससे मुझे बहुत खुशी मिलती है।’’
धुल को अब एहसास हो गया है कि उतार-चढ़ाव उनके करियर का उतना ही हिस्सा हैं जितना कि उनकी जिंदगी का। उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही मुझे ऐसी चीजों को संभालना होगा। उतार-चढ़ाव तो आते ही रहेंगे। मुझे उनसे निपटना होगा और आगे बढ़ना होगा।’’ धुल ने कहा, ‘‘लेकिन अभी मैं बस वर्तमान में रहना चाहता हूं। मैं अतीत या भविष्य के बारे में नहीं सोचना चाहता। मैं बस अपने पास मौजूद मौकों का फायदा उठाना चाहता हूं और उनका आनंद लेना चाहता हूं।’’
इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने उस मुश्किल दौर में स्नूकर को अपनाया जिससे उन्हें जिंदगी और खेल पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘‘उस समय मैं स्नूकर बहुत खेलता था और उसमें काफी समय बिताता था। उस खेल ने मुझे बहुत कुछ सिखाया।’’
धुल ने कहा, ‘‘मेरा दिमाग अक्सर इधर-उधर भटकता रहता था, मैं ज़्यादा ध्यान नहीं लगा पा रहा था। उस खेल ने मुझे अधिक ध्यान केंद्रित करना सिखाया।’’ धुल को इसमें कोई संदेह नहीं है कि सत्र के शुरुआती टूर्नामेंट में शतक लगाना उनके लिए आगे चलकर फायदेमंद साबित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘घरेलू सत्र के शुरू होने से ठीक पहले यह हमारे लिए एक अच्छा मंच है। सभी शीर्ष पेशेवर खिलाड़ी यहां खेल रहे हैं। यह (आने वाले सत्र के लिए) अच्छी तैयारी है।’’
धुल ने दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) में भी अपनी सफेद गेंद की प्रतिभा का प्रदर्शन किया जहां उन्होंने केवल आठ मैच में 87 की औसत और 167.31 के स्ट्राइक रेट से 435 रन बनाए। दिल्ली के इस बल्लेबाज ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू सफेद गेंद के टूर्नामेंटों को देखते हुए डीपीएल के महत्व को स्वीकार किया।