ड्रग एडिक्शन के उपचार और प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

By अंकित सिंह | Feb 21, 2022

नशीली दवाओं की मांग में कमी के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की जम्मू-कश्मीर राज्य स्तरीय समन्वय एजेंसी ने "नशीली दवाओं के उपचार और प्रबंधन" को लेकर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जीएमसी जम्मू के विभिन्न विभागों, नशामुक्ति केंद्रों और नर्सिंग कॉलेजों के लगभग 40 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्घाटन जम्मू के मेटरनिटी हॉस्पिटल में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और डीन डॉ मधुसूदन शर्मा ने किया। इस अवसर पर मधुसूदन शर्मा ने कहा कि हमारे समाज से नशीली दवाओं के खतरे को रोकने के लिए इस तरह के कार्यक्रम समय की जरूरत है और इसमे सहयोगात्मक प्रयास किए जाने चाहिए।

इसे भी पढ़ें: कश्मीर से आई टेंशन वाली खबर! अफगानिस्तान में छूटे अमेरिकी हथियार और सैटेलाइट आतंकी कर रहे इस्तेमाल

दूसरे दिन की शुरुआत डॉ अभिषेक चौहान द्वारा लिए गए "साइकोएक्टिव पदार्थों का परिचय" से हुई। उन्होंने एक-एक करके साइकोएक्टिव पदार्थों पर संक्षेप में चर्चा की और विभिन्न साइकोएक्टिव पदार्थों के वापसी के लक्षणों और प्रभावों को भी साझा किया, जिसमें शराब, कैनबिस, ओपिओइड, इनहेलेंट, निकोटीन आदि शामिल हैं। सत्र बहुत जानकारीपूर्ण था और छात्रों ने मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। दोपहर के भोजन के बाद पहले दिन का तीसरा सत्र डॉ. अरुण शर्मा द्वारा "महिलाओं और गर्भवती महिलाओं में नशीली दवाओं के दुरुपयोग" पर लिया गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।

प्रमुख खबरें

Ram Navami 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग में 26 मार्च को मनाई जाएगी रामनवमी

Rajnath Singh का एक्शन मोड, West Asia संकट के बीच BRO और सैन्य तैयारियों पर की अहम बैठक

Ram Navami Special: क्यों है दोपहर में पूजा का विधान? जानें Lord Ram के जन्म का शुभ मुहूर्त

Oil Companies का Big Alert! देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर ध्यान न दें