Perimenopause Symptoms: Mood Swings और Fatigue से हैं परेशान? कहीं ये Premature Perimenopause के संकेत तो नहीं

By अनन्या मिश्रा | Jul 02, 2026

पेरिमेनोपॉज, मेनोपॉज से पहले का चरण होता है। इस दौरान महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह बंद नहीं होते हैं, लेकिन इसका प्रोसेस शुरू हो जाता है। इस दौरान पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं, कभी हैवी ब्लीडिंग तो कभी लंबे समय तक पीरियड्स बंद हो जाते हैं। आमतौर पर माना जाता है कि 40 की उम्र के बाद महिलाओं को पेरिमेनोपॉज होता है। लेकिन कई बार 40 की उम्र से पहले भी पेरिमेनोपॉज के लक्षण नजर आते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको पेरिमेनोपॉज के लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Menopause Diet Tips: मजबूत हड्डियां, अच्छी नींद! Menopause के लक्षणों से राहत दिलाएगा यह Special Diet Plan

लक्षण

पेरिमेनोपॉज होने पर महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह से अनियमित हो जाते हैं। कई बार ब्लीडिंग ज्यादा होती है, तो वहीं कई बार कम ब्लीडिंग होती है सिर्फ स्पॉटिंग होती है। वहीं कई बार दो पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग भी देखी जा सकती है।

पेरिमेनोपॉज में ब्लीडिंग अनियमित हो जाते हैं। इसके कारण हार्मोनल परिवर्तन भी होते हैं। खासतौर एस्ट्रोजन का लेवल भी प्रभावित होता है। इस स्थिति में मूड स्विंग्स भी देखा सकता है। पेरिमेनोपॉज के दौरान महिलाओं को एंग्जायटी और चिड़चिड़ेपन की समस्या हो सकती है।

पेरिमेनोपॉज की वजह से महिलाओं को गहरी और अच्छी नींद लेने में भी समस्या होती है। पेरिमेनोपॉज होने पर कुछ महिलाओं को रात को बहुत ज्यादा पसीने और हॉट फ्लैशेज हो सकते हैं, जोकि उनकी नींद को बाधित कर सकते हैं।

इस दौरान रात को अच्छी नींद न ले पाना और हार्मोनल बदलाव होने की वजह से महिलाओं का एनर्जी लेवल भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में महिलाएं कमजोरी और थकान महसूस करती हैं। वहीं कई बार आराम करने के बाद भी थकान कम नहीं होती है।

प्रमुख खबरें

CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ KSTP प्रोजेक्ट में विजिलेंस जांच के आदेश

Mustard Oil और सोयाबीन की कीमतों में उछाल, मूंगफली व पाम तेल के भाव लुढ़के

MPSC Paper Leak मामले पर Harshvardhan Sapkal ने पुणे में प्रदर्शनकारी छात्रों का किया समर्थन

जंतर-मंतर पर महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोपों पर Rahul Gandhi ने Amit Shah से मांगा जवाब