By अनन्या मिश्रा | Feb 17, 2026
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब्ज यानी की कॉन्स्टिपेशन एक ऐसी साइलेंट समस्या है। जो हमारे पूरे दिन की कार्यक्षमता और मानसिक शांति को प्रभावित करता है। हम दिन भर तो अपनी सेहत का ख्याल रखते हैं, लेकिन रात के समय की गई कुछ छोटी लेकिन गंभीर गलतियां करते हैं, जो हमारे पाचन तंत्र को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर देती हैं। रात को सोने से पहले अपनी आदतों की लापरवाही बरतते हैं। तो शरीर की नेचुरल सफाई प्रोसेस यानी 'पेरिस्टालसिस' धीमी पड़ जाती है।
इसके परिणामस्वरूप सुबह के समय आपका पेट साफ नहीं होता है। जो आगे जाकर गैस, बवासीर और गंभीर एसिडिटी का कारण बन सकती है। आयुर्वेद और मेडिकल विज्ञान का मानना है कि रात का समय शरीर के डिटॉक्सिफिकेशन के लिए होता है। अगर इस दौरान पाचन तंत्रों पर एक्स्ट्रा दबाव डाला जाए, तो आंतों की नमी सूखने लगती है और मल सख्त हो जाता है। इसलिए अपनी रात की दिनचर्या में सुधार करने से आप न सिर्फ पेट की समस्या बल्कि पूरे शरीर को दीर्घकालिक बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी है।
रात में सोने से पहले भारी या तला-भुना खाना आपके पाचन तंत्र को थका देता है।
रात को पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से आंतों में सूखापन बढ़ता है।
अगर खाने और सोने के बीच अंतर न होने पर भोजन के सड़ने की वजह बनता है।
रात में चाय या कॉफी पीना आंतों की सक्रियता को बाधित करता है।
जब रात की गलतियां रोजाना की आदतें बन जाती हैं, तो आंतों की दीवारें अपने लचीलेपन को खोने लगती हैं। इससे 'क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन' की स्थिति पैदा होती है। जहां शरीर से अपशिष्ट पदार्थ नहीं निकल पाते हैं। यह रुके हुए टॉक्सिन्स ब्लड में मिलकर स्किन की समस्याओं, सिरदर्द और थकान को जन्म देते हैं। लंबे समय तक कब्ज रहने की वजह से आंतों में सूजन और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
कब्ज से बचने के लिए रात के खाने में दलिया या सलाद जैसी फाइबर वाली चीजों को शामिल करना चाहिए।
भोजन के बाद कम से कम 100 कदम चलना पाचन अग्नि को सक्रिय रखता है।
सोने से पहले रोजाना एक गिलास पानी पीना चाहिए, इससे आंतें हाइड्रेटेड रखता है।
सोने में कम से कम 2 से 3 घंटे पहले अपना भोजन कर लेना चाहिए।
बता दें कि कब्ज कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। बल्कि यह हमारी गलत लाइफस्टाइल का एक संकेत है। अक्सर हम दवाओं के जरिए कब्ज का समाधान ढूंढते हैं, जबकि असली समाधान हमारी आदतों में छिपा है। रात के समय अपने पाचन तंत्र को आराम देकर उसको सही पोषण प्रदान करके आप कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं। साथ ही अपनी एनर्जी लेवल भी बढ़ा सकते हैं। स्वस्थ पेट ही हेल्दी मस्तिष्क और खुशहाल जीवन का आधार है।