Periods Delay को न करें Ignore, हो सकते हैं PCOS-Thyroid के लक्षण, जानें डॉक्टर की राय

Periods Delay
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पीरियड्स का 5 से 7 दिन तक लेट होना सामान्य माना जाता है, जिसका कारण अक्सर तनाव, खान-पान में बदलाव या हार्मोनल असंतुलन होता है। हालांकि, अगर पीरियड्स 10 दिन से ज्यादा लेट हों या लगातार मिस हो जाएं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

हर महीने महिलाओं में पीरियड्स आना एक सामान्य प्रक्रिया है। वैसे ये महिलाओं की फर्टिलिटी और ओवरहेल्थ के लिए काफी जरुरी है। खासतौर पर मेंस्ट्रुअल साइकिल 21 से 35 दिनों के बीच की होती है और ज्यादातर महिलाओं में 28 दिन की साइकिल हेल्दी मानी जाती है। यह कि हर महिला का शरीर अलग होता है और इसलिए भी जरुरी नहीं है कि सभी की पीरियडस साइकिल 28 दिनों की हो। कई बार पीरियड्स का कुछ दिन आगे-पीछे होना बिल्कुल सामान्य माना जाता है। जब पीरियड्स डिले हो जाते हैं, तो ऐसे में हर किसी महिला के मन में ये सवाल जरुर आता है कि पीरियड्स का कितने दिन डिले होना नॉर्मल है और कब उन्हें डॉक्टर से मिलना चाहिए और कब पीरियड्स का डिले होने से शरीर में किसी गड़बड़ की तरफ इशारा करता है। आइए आपको बताते हैं क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट।

पीरियड्स का कितने दिन लेट आना नॉर्मल है?

- डॉक्टर ने बताया है कि, यदि पीरियड्स 2 से 5 दिन तक लेट हो जाए तो यह नॉर्मल हो सकता है। इसके लिए आपको परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है।

- अक्सर हार्मोनल बदलाव, स्ट्रेस, ट्रैवल, खान-पान में बदलाव या नींद की कमी के कारण साइकिल थोड़ी गड़बड़ हो जाती है। 

- हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर आप पीरियड्स 7 दिन तक लेट हैं, तब भी घबराने की जरुरत नहीं है, हालांकि हर महीने में ऐसा हो रहा है या 10 दिन से ज्यादा की देर हो रही है तो डॉक्टर से सलाब जरुर लें।

- पीरियड्स डिले होने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें तनाव का ज्यादा होना। जब हम अधिक तनाव में होते हैं, तो स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ने लगता है और उसका असर ओव्यूलेशन पर होता है। इसके अतिरिक्त, थायरॉइड या PCOS जैसी दिक्कतें भी साइकिल को अनियमित कर सकती हैं।

- किसी भी तरह का पिल्स का सेवन या डाइट में बदलाव भी पीरियड्स को डिले कर देते हैं।

- यदि आपके पीरियड्स 10-15 दिन से ज्यादा लेट हों, लगातार 2-3 महीने तक पीरियड्स मिस हों या इन दिनों में तेज दर्द या असामान्य ब्लीडिंग हो रही है, तो डॉक्टर जरुर मिलें।

- इसके अलावा, यदि आपकी साइकिल अचानक से पूरी बदल जाए, तो भी डॉक्टर से बात जरुर करें। डॉक्टर जरुरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या हार्मोनल टेस्ट जरुर कराएं।

- पीरियड्स साइकिल को नियमित रखने के लिए, रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरुर लें। हेल्दी डाइट लें और तनाव से दूर रहे हैं। 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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