Venezuela पर अमेरिकी आर्मी के एक्शन के बाद ट्रंप का बड़ा दावा, मिलेंगे 5 करोड़ बैरल तेल

By Ankit Jaiswal | Jan 07, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल कच्चा तेल सौंपने जा रही है, जो जनवरी की शुरुआत में हुए अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बाद तय हुआ है।


बता दें कि 3 जनवरी को अमेरिका ने तेल-समृद्ध दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया था। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस रात्री अभियान में कम से कम 75 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 32 क्यूबाई नागरिक भी शामिल थे। इसके बाद ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला को “चलाने” जा रहा है और अमेरिकी तेल कंपनियां वहां दोबारा निवेश करेंगी।


मौजूद जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने 6 जनवरी को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम अथॉरिटीज अमेरिका को उच्च गुणवत्ता वाला, प्रतिबंधित तेल सौंपेंगी। उनका कहना है कि यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और इसकी आय उनके नियंत्रण में रहेगी, ताकि इसका इस्तेमाल अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के लोगों के हित में किया जा सके। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि बदले में वेनेजुएला को क्या मिलेगा या तेल की आपूर्ति कब शुरू होगी।


गौरतलब है कि ट्रंप ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने का निर्देश देने की बात भी कही है। उनके अनुसार, तेल को स्टोरेज जहाजों के जरिए सीधे अमेरिका के अनलोडिंग डॉक तक लाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा उत्पादन स्तर पर वेनेजुएला को 5 करोड़ बैरल तेल निकालने में दो महीने से अधिक का समय लग सकता है।


वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, लेकिन वर्तमान में देश रोजाना दस लाख बैरल से भी कम उत्पादन कर रहा है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से 5 करोड़ बैरल तेल की कीमत करीब 3 अरब डॉलर बैठती है।


इस पूरे घटनाक्रम पर वेनेजुएला की अंतरिम सरकार, जिसकी अगुवाई अब पूर्व उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज कर रही हैं, ने तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें कि रोड्रिगेज पहले मादुरो सरकार के आंतरिक नेतृत्व का हिस्सा रही हैं और हाल ही में शीर्ष अदालत द्वारा अंतरिम नेता नियुक्त की गई हैं। पद संभालने के बाद उन्होंने एक बयान जारी कर शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सहयोग की बात कही है।


हालांकि, ट्रंप का रुख सख्त बना हुआ है। उन्होंने 4 जनवरी को डेल्सी रोड्रिगेज को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि उन्होंने “सही काम” नहीं किया तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। मादुरो फिलहाल अमेरिका की हिरासत में हैं और उन पर ‘नार्को-आतंकवाद’ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी यह दावा करते रहे हैं कि वेनेजुएला ने अमेरिकी तेल संपत्तियों को “चुरा” लिया है और अब उन्हें लौटाया जाना चाहिए। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी मादुरो की गिरफ्तारी के बाद इसी तरह का बयान दिया था। जबकि वास्तविकता यह है कि वेनेजुएला ने 1976 में अपने तेल क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण किया था और 1999 में ह्यूगो चावेज़ के सत्ता में आने के बाद राज्य नियंत्रण और सख्त हो गया था।


आज की स्थिति में अमेरिका की केवल एक कंपनी, शेवरॉन, वेनेजुएला में सीमित रूप से काम कर रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, ट्रंप जल्द ही शेवरॉन, कॉनोकोफिलिप्स और एक्सॉन मोबिल जैसी बड़ी तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से व्हाइट हाउस में मुलाकात कर सकते हैं, जहां वेनेजुएला में संभावित निवेश पर चर्चा होगी। विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार, लैटिन अमेरिका की राजनीति और अमेरिका की विदेश नीति पर दूरगामी असर डाल सकता है।

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