By अभिनय आकाश | Jul 28, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को कहा कि वॉशिंगटन के खिलाफ चल रही लड़ाई में ईरान को रूस से अगर कोई मदद मिली भी है, तो उसका कोई खास असर नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के हालिया आरोपों के बारे में अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से बात करेंगे। ज़ेलेंस्की ने शनिवार को मॉस्को पर आरोप लगाया कि वह ईरान को सैटेलाइट से जुड़ी खुफिया जानकारी दे रहा है ताकि अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों में मौजूद सुविधाओं पर हमले किए जा सकें। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि मॉस्को अपनी सेना को मजबूत करने के लिए उत्तर कोरिया के 30,000 सैनिकों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दोहराया कि इस संघर्ष में वॉशिंगटन का दबदबा कायम करने के लिए अमेरिका ने ईरान की बुरी तरह खबर ली है। उन्होंने दावा किया कि रूस की मदद के बावजूद (अगर कोई मदद मिली भी है तो) इस्लामिक रिपब्लिक हार रहा है।
मॉस्को के खिलाफ़ ज़ेलेंस्की के दावे से असहमति जताते हुए, ट्रंप ने मज़ाक भरे अंदाज़ में कहा कि अगर रूस ने कोई मदद की भी है, तो वह बेअसर रही है। उन्होंने कहा मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा कर रहे हैं, कम से कम बड़े स्तर पर तो बिल्कुल नहीं। और अगर उन्होंने ऐसा किया भी है, तो उसका कोई खास असर नहीं हुआ है। उनकी यह टिप्पणी ज़ेलेंस्की की उस विस्तृत चेतावनी के बाद आई है जो उन्होंने X पर शेयर की थी। इसमें ज़ेलेंस्की ने बताया था कि यूक्रेनी इंटेलिजेंस ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर रूस की सक्रिय सैटेलाइट निगरानी का पता लगाया है, और यह जानकारी बाद में ईरान को दी जाती है।