By अभिनय आकाश | Jul 31, 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ सेरूस को मनाने, डराने शांति वार्ता की राह पर लाने के लिए गुजारिश से लेकर चेतावनी तक देकर देख लिया। लेकिन रूस अपने फैसले से टस से मस नहीं हुआ। ट्रंप लगातार कभी टैरिफ लगाने कभी रूस के दोस्तों को निशाना बनाने को लेकर खुद बयान देते कभी अपने नाटो और ईयू जैसे सहयोगियों से दिलवाते आए। लेकिन न तो रूस को इससे कोई फर्क पड़ा और न ही भारत ने मॉस्को से तेल खरीदने पर कोई रोक लगाई। अब ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कि रूस ने अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित टैंकरों पर भारत को कच्चे तेल का माल भेजना जारी रखा है। यह स्थिति इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन द्वारा लागू किए गए कड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करने की मास्को की क्षमता का एक महत्वपूर्ण परीक्षण प्रस्तुत करती है।
यदि रूस इन प्रतिबंधों से निपटने में विफल रहता है, तो इस वर्ष वैश्विक तेल बाजार घाटे में जा सकता है, क्योंकि इससे एक छोटे अधिशेष की उम्मीद कम हो जाएगी। ब्लूमबर्ग ने शिपमेंट का अवलोकन किया और चार-सप्ताह के रोलिंग औसत की गणना की, जिसमें 26 जनवरी को समाप्त सात दिनों में बहुत कम बदलाव दिखा। यह दर्शाता है कि अमेरिकी ट्रेजरी के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय द्वारा उपाय लागू किए जाने के बाद से रूस के तेल प्रवाह में कमी नहीं आई है।