अब्बास को ना, पेजेश्कियान को हां...फिलिस्तीन पर ट्रंप का खेल, जंग के बीच ईरानी नेता जाएंगे US?

By अभिनय आकाश | Sep 19, 2026

अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध के बीच एक ऐसा फैसला सामने आया है जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अमेरिका ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची समेत उनके कोर प्रतिनिधि मंडल को अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी यूएनजीए की हाई लेवल बैठक में शामिल होने की अनुमति दे दी है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और उनके प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने से इंकार कर दिया। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को 7 महीने हो चुके हैं और दोनों पक्षों के बीच तनाव के साथ-साथ बातचीत की कोशिशें भी चलती रही हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक ईरान के कोर प्रतिनिधिमंडल को यूएनजीए हाई लेवल वीक में शामिल होने की अनुमति दी गई है। इसमें राष्ट्रपति मसूद प्रदेश, विदेश मंत्री अब्बास अराची और जरूरी स्टाफ शामिल होंगे। हालांकि यह प्रतिनिधिमंडल पिछले साल की तुलना में छोटा होगा। इसके अलावा ईरानी अधिकारियों पर न्यूयॉर्क में यात्रा से जुड़ी पाबंदियां लागू रहेंगी और लग्जरी समेत कुछ सामान खरीदने पर भी रोक होगी। 

इसे भी पढ़ें: AI की एक मिस्टेक और छिड़ जाता अमेरिका-चीन में विनाशक युद्ध, गलत रिपोर्ट पर US आर्मी ने कर ली थी हमले की पूरी तैयारी


हालांकि अमेरिका ने यह नहीं कहा है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने का फैसला किसी नए युद्ध विराम या जंगबंदी समझौते का हिस्सा है। इसलिए कहा जा रहा है कि इसे युद्ध विराम से जोड़ना अभी जल्दबाजी है। दूसरी तरफ अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का वीजा रोक दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने आरोप लगाया है कि फिलिस्तीन अथॉरिटी और पीएलओ ने इजराइल फिलिस्तीन विवाद को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के जरिए आगे बढ़ाया। अमेरिका ने खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय यानी आईसीजे और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय यानी आईसीसी में इजराइल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मुद्दा उठाया है। इसके अलावा अमेरिकी प्रशासन ने इजराइल के खिलाफ हमलों में दोषी ठहराए गए लोगों के परिवारों को कथित भुगतान का भी हवाला दिया। 

प्रमुख खबरें

Greater Noida में UP International Trade Show का चौथा संस्करण 25 सितंबर से

RBI ने महाराष्ट्र के मंत्री बाबासाहेब पाटिल को लातूर सहकारी बैंक बोर्ड से हटा दिया

Semiconductor क्षेत्र में देश के युवा खड़ी करेंगे Qualcomm और Intel जैसी कंपनियां: Ashwini Vaishnaw

उत्तर प्रदेश 2027 का विधानसभा चुनाव: भाजपा का डेमेज कंट्रोल का प्रयास