By अभिनय आकाश | Apr 04, 2026
दुनिया की बदलती राजनीति और बढ़ते युद्ध के माहौल के बीच अब एक नई होड़ शुरू हो गई है सोना वापस लेने की होड़। अमेरिका में डॉन्ड ट्रंप की वापसी के बाद यूरोपीय देशों को भरोसा धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है और इसका असर अब उनके गोल्ड रिजर्व पर भी देखने को मिल रहा है। अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा सोने का भंडार है करीब 8133 टन का। लेकिन खास बात यह है कि इसमें सिर्फ उसका अपना ही नहीं बल्कि 30 से ज्यादा देशों का भी सोना सुरक्षित रखा गया है। दशकों से अमेरिका ने इस सोने को संभाल के रखा है। लेकिन अब इस पर सवाल उठने लगे हैं। जर्मनी जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व रखने वाला देश है उसका करीब 1236 टन सोना अमेरिका में रखा गया है। इसके अलावा इटली का 1060 नीदरलैंड, फ्रांस और अन्य देशों का भी एक बहुत बड़ा हिस्सा अमेरिकी तिजोरियों में है। अब यह धीरे-धीरे अपना सोना वापस लेने की तैयारी में है।
ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई के बीच सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है और अहम भी माना जाता है। यही कारण है कि अब देश अपनी कीमती भंडारों को अपने नियंत्रण में रखना चाहते हैं। कुल मिलाकर यह सिर्फ सोने की वापसी नहीं बल्कि बदलते वैश्विक भरोसे और ताकत के संतुलन की कहानी है। फिलहाल के लिए बस इतना ही।