गोल्ड कार्ड लॉन्च करते हुए इधर ट्रंप का भारतीयों को लेकर बयान आया, उधर मोदी ने तुरंत अमेरिका फोन घुमाया, फिर...

By अभिनय आकाश | Dec 11, 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति महामहिम डोनाल्ड ट्रम्प से टेलीफोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के निरंतर सुदृढ़ीकरण पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रम्प ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के साझा प्रयासों में गति बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा तथा अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया, जो 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट (सैन्य साझेदारी, त्वरित वाणिज्य एवं प्रौद्योगिकी के लिए अवसरों को उत्प्रेरित करना) के कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय महत्व रखते हैं।

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दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की और साझा चुनौतियों का समाधान करने तथा साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने पर भी सहमति जताई। आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रंप गोल्ड कार्ड' के लॉन्चिंग के दौरान भारत को लेकर टिप्पणी की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि ट्रंप गोल्ड कार्ड से कंपनियां ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों को देश में ही नियुक्त और बनाए रख सकेंगी। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन का उपयोग औपचारिक रूप से 'ट्रम्प गोल्ड कार्ड' लॉन्च करने के लिए किया, जो एक नया दस लाख डॉलर का वीजा कार्यक्रम है जो अमेरिकी नागरिकता का मार्ग प्रदान करता है और कंपनियों को उच्च कुशल विदेशी स्नातकों को नियुक्त करने और बनाए रखने की अनुमति देता है। ट्रंप गोल्ड कार्ड एक ऐसा वीजा है जो अमेरिका को पर्याप्त लाभ प्रदान करने की किसी व्यक्ति की क्षमता पर आधारित है।

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व्हाइट हाउस में एक बैठक में ट्रंप ने कहा कि किसी महान व्यक्ति का हमारे देश में आना एक उपहार के समान है, क्योंकि हमें लगता है कि ये कुछ ऐसे असाधारण लोग होंगे जिन्हें यहां रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कॉलेज से स्नातक करने के बाद, उन्हें भारत वापस जाना पड़ता है, उन्हें चीन वापस जाना पड़ता है, उन्हें फ्रांस वापस जाना पड़ता है। उन्हें वापस वहीं जाना पड़ता है, जहां से वे आए थे। वहां रुकना बहुत मुश्किल है। यह शर्मनाक है। यह एक हास्यास्पद बात है। हम इस पर ध्यान दे रहे हैं। ट्रंप ने घोषणा की कि गोल्ड कार्ड वेबसाइट शुरू हो गई है और कंपनियां व्हार्टन, हार्वर्ड और एमआईटी जैसे शीर्ष अमेरिकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को अमेरिका में ही रखने के लिए गोल्ड कार्ड खरीद सकती हैं। इस अवसर पर आईबीएम के भारतीय मूल के अमेरिकी सीईओ अरविंद कृष्णा और डेल टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) माइकल डेल भी मौजूद थे।

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