टैक्स धोखाधड़ी मामले में फंसे डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति की कंपनी के सीएफओ पर केस दर्ज

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 02, 2021

न्यूयॉर्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी और इसके लंबे समय तक मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) रहे एलन वीसलबर्ग पर बृहस्पतिवार को आरोप लगाए गए। अभियोजकों ने इसे कर धोखाधड़ी का मामला बताया जिसमें अधिकारियों को अपार्टमेंट का किराया, कार और स्कूल ट्यूशन के भुगतान के रूप में 17 लाख डॉलर से अधिक का पारितोषिक दिया गया और यह भुगतान किसी भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इस मामले में ट्रंप को आरोपित नहीं किया गया है लेकिन अभियोजकों ने यह कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने धोखाधड़ी की कथित योजना से संबंधित कुछ चेक पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रंप के कारोबार संचालन के तरीकों की न्यूयॉर्क के अधिकारियों द्वारा दो साल से की जा रही जांच में पहली बार कोई आपराधिक मामला बना है।

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बृहस्पतिवार को जिन आरोपों का खुलासा किया गया, उसके मुताबिक 2005 से लेकर इस वर्ष तक ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन और वीसलबर्ग ने कर चोरी कर राज्य और शहर को आर्थिक चपत लगाई, उन्होंने वीसलबर्ग समेत वरिष्ठ अधिकारियों को अनुषंगी लाभों और अन्य साधनों के जरिए भुगतान करने की साजिश रची जो किसी रिकॉर्ड में दर्ज न हों। वीसलबर्ग और ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के वकीलों ने स्वयं को निर्दोष बताया है। वीसलबर्ग से अपना पासपोर्ट जमा करने को कहा गया और फिर उन्हें जाने दिया गया। 73 वर्षीय वीसलबर्ग को ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के वित्तीय लेनदेन की अच्छी खासी जानकारी है और वह करीब पांच दशक से इस कंपनी से जुड़े हुए हैं। ट्रंप ने इसे राजनीति से प्रेरित मामला बताया और वीसलबर्ग के वकीलों ने कहा कि वे इन आरोपों का सामना करेंगे।

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मैनहट्टन के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी साइरस वेंस जूनियर तथा न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेतीतिया जेम्स ने यह मामला दर्ज कराया था। दोनों ही डेमोक्रेट हैं। वीसलबर्ग अपने बेटे द्वारा ट्रंप अपार्टमेंट का इस्तेमाल न्यूनतम या बिना किसी शुल्क के करने को लेकर उठे सवालों के बाद जांच के दायरे में आ गये थे। आरोपों में कहा गया कि वीसलबर्ग के बेटे जो सेंट्रल पार्क में ट्रंप द्वारा संचालित आईस रिंक के प्रबंधन का काम देखते हैं उन्होंने 2018 में ट्रंप अपार्टमेंट में रहने के दौरान कोई किराया अदा नहीं किया और 2005 से 2012 के बीच प्रतिमाह केवल एक हजार डॉलर किराए के रूप में दिए जो मेनहट्टन की कीमतों से कहीं कम हैं। ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने कहा है कि जिला अटॉर्नी कार्यालय पूर्व राष्ट्रपति को नुकसान पहुंचाने के लिए वीसलबर्ग का इस्तेमाल कर रहा है।

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