भारत पर एक्शन लेने को यूरोपीय देशों को उकसा रहे थे ट्रंप, इधर रूस ने EU चीफ का प्लेन ही जाम कर दिया

By अभिनय आकाश | Sep 01, 2025

इस बात की चर्चा तेज हो चली है कि क्या भारत और अमेरिका के रिश्तों में दरार गहराती जा रही है। पहले तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया और अब यूरोपीय देशों को भी भारत के खिलाफ खड़ा होने का ऑर्डर दे रहे हैं। ट्रंप का आरोप है कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदता है और रूस की इकोनॉमी को सपोर्ट करता है। उनका कहना है कि यही पैसा रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंका जा रहा है। ट्रंप अब अमेरिका तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं। उन्होंने साफ संदेश यूरोपीय देशों को दिया। उनका कहना है कि ईयू देश भी भारत पर दबाव डाले और भारत से तेल खरीदना बंद करे। वैसे देखा जाए तो यूरोपियन दिखावे में ट्रंप का साथ दे रहे हैं, लेकिन पीछे में रूस से एनर्जी डील भी कर रहे हैं। अमेरिका इससे नाराज है। व्हाइट हाउस को लगता है कि यूरोप का रवैया इस युद्ध को लंबा खींच रहा है। इसलिए अब अमेरिका चाहता है कि यूरोप भी भारत पर टैरिफ व प्रतिबंध लगाए। 

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पोडेस्टा ने कहा कि हम निश्चित रूप से पुष्टि कर सकते हैं कि जीपीएस जाम हो गया था। हमें बल्गेरियाई अधिकारियों से जानकारी मिली है कि उन्हें संदेह है कि यह रूस के स्पष्ट हस्तक्षेप के कारण हुआ था। पोडेस्टा ने कहा कि यह घटना वास्तव में उस मिशन की तात्कालिकता को रेखांकित करती है जिसे राष्ट्रपति अग्रिम पंक्ति के सदस्य देशों में चला रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वॉन डेर लेयेन ने "रूस और उसके सहयोगियों से आने वाले खतरों की रोजमर्रा की चुनौतियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है। 

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