By अभिनय आकाश | Nov 15, 2025
जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है वो खुद उसी में गिरता है और आज वही कहावत अमेरिका पर फिट बैठ रही है। आज की खबर अमेरिका के लिए सबसे बड़ा झटका लेकर सामने आई है और भारत के लिए शानदार जीत के साथ दिन खुला है। क्योंकि जिस एच1 बी वीजा शक्ति को अमेरिकी सरकार अपनी जीत समझ रही थी वही अब उनके ही गले का फंदा बन चुकी है। गूगल हो, मॉइक्रोसॉफ्ट हो, डेल हो, एलजी हो और खेल का बड़ा मोड़ फोड़। सब ने ट्रंप की बात को हवा में उड़ा दिया और कह दिया है कि अगर भारतीय टैलेंट को रोकोगे तो हम अमेरिका नहीं इंडिया जाएंगे। कुछ महीनों पहले ट्रंप प्रशासन ने सोचा था कि एच1 बी वीजा पर सख्ती कर दी जाएगी। इंडियन इंजीनियर्स को रोक दिया जाएगा और कंपनियां मजबूरी में अमेरिका में ही फैक्ट्रियां लगाएंगी। लेकिन हुआ इसके ठीक उलट। इसलिए ट्रंप के भी होश ठिकाने आ गए हैं।
पोस्ट लिखते हुए ट्रंप ने कहा मैं महान राज्य जॉर्जिया की कांग्रेस वुमन मार्जोरी टेलर ग्रीन के प्रति अपना समर्थन और अनुमोदन वापस ले रहा हूं।इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने 12 नवंबर को कहा था, अमेरिकियों के पास हर टैलेंट नहीं इसलिए एच-1 वीसा जरूरी है। अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने 13 नवंबर को कहा था, विदेशी स्किल्ड वर्कर आएं, ट्रेनिंग दें और लौट जाएं। राष्ट्रपति ट्रम्प सितंबर में एच-1 बी वीसा फीस को 88 हजार रु. से बढ़ाकर 88 लाख रु. कर चुके हैं।