मंगलवार, रात 8 बजे, कयामत की घड़ी नजदीक... ट्रंप की अंतिम 24 घंटे की मोहलत, क्या टल पाएगा खाड़ी का युद्ध?

By रेनू तिवारी | Apr 06, 2026

दुनिया एक बार फिर अपनी सांसें रोककर मंगलवार की शाम का इंतज़ार कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दिए गए अपने अल्टीमेटम को एक बार फिर बढ़ा दिया है—लेकिन इस बार केवल 24 घंटों के लिए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक संक्षिप्त और रहस्यमयी पोस्ट में लिखा: "मंगलवार, रात 8:00 बजे ईस्टर्न टाइम!" बिना किसी अतिरिक्त विवरण के दी गई इस नई समय सीमा ने वैश्विक बाजारों और कूटनीतिक हलकों में बेचैनी पैदा कर दी है। यह चौथी बार है जब ट्रंप ने अपनी डेडलाइन में बदलाव किया है, जो अब सीधे सैन्य टकराव की कगार पर पहुँच गई है।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने मांग की है कि तेहरान इस जलडमरूमध्य को फिर से खोले, अन्यथा उसे उन "विनाशकारी सैन्य परिणामों" का सामना करना पड़ेगा, जिनका ज़िक्र ट्रंप ने बार-बार किया है और जो ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे। हाल के घंटों में ट्रंप का लहजा और भी ज़्यादा आक्रामक हो गया है। प्रमुख अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स को दिए गए साक्षात्कारों में, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी समझौते तक पहुँचने में विफलता के परिणामस्वरूप भारी तबाही हो सकती है।

उन्होंने एक टेलीविज़न साक्षात्कार में कहा "अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं - और वह भी जल्दी - तो मैं सब कुछ उड़ा देने और तेल पर कब्ज़ा कर लेने पर विचार कर रहा हूँ। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका "बहुत मज़बूत स्थिति" में है, और साथ ही यह भी जोड़ा कि किसी संभावित हमले से उबरने में ईरान को दशकों लग सकते हैं।

प्रगति के संकेत?

कठोर बयानबाज़ी के बावजूद, ट्रंप ने संकेत दिया कि कूटनीतिक सफलता की अभी भी उम्मीद बाकी है। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और इस बात की "पूरी संभावना" है कि जल्द ही कोई समझौता हो जाएगा। उनके अनुसार, ईरान ने पहले ही कई प्रमुख मुद्दों पर रियायतें दे दी हैं, जिनमें उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाएँ भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा "सबसे बड़ी बात यह है कि उनके पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा, और बातचीत के इस हिस्से को "पहले ही पूरा हो चुका" बताया। यह ध्यान रखना प्रासंगिक है कि ट्रंप ने कहा है कि संघर्ष "हफ़्तों में नहीं, बल्कि दिनों में" समाप्त हो जाना चाहिए, लेकिन साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि बातचीत विफल होती है, तो फिर कोई भी चीज़ हमले की सीमा से बाहर नहीं होगी।

प्रमुख खबरें

वैवाहिक विवादों में कानून के दुरुपयोग पर Allahabad High Court सख्त, आगरा में दर्ज FIR रद्द

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, Akhilesh Yadav बोले निष्पक्ष संस्था पर भाजपा का दबाव

MP OBC Quota: 27 फीसदी आरक्षण रद्द करने के आदेश के खिलाफ Supreme Court जाएगी Congress

दिल्ली अदालत का फैसला: Sharjeel Imam की अंतरिम जमानत रद्द करने से इनकार