By अंकित सिंह | Apr 25, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यह कहे जाने के एक दिन बाद कि भारत जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या करने वाले प्रत्येक आतंकवादी और उनके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें दंडित करेगा, अमेरिकी खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने शुक्रवार को इस्लामी आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा कि अमेरिका अपराधियों की तलाश में भारत का समर्थन करेगा। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक ने ट्वीट कर कहा कि हम पहलगाम में 26 हिंदुओं को निशाना बनाकर किए गए भीषण इस्लामी आतंकवादी हमले के मद्देनजर भारत के साथ एकजुटता में खड़े हैं।
गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने पहलगाम में हुए हमले की कड़ी निंदा की है तथा इस बात पर जोर दिया है कि आम नागरिकों पर हमले किसी भी परिस्थिति में अस्वीकार्य हैं। मंगलवार को पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में यह सबसे घातक हमला था। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की।
बुधवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने पहलगाम हमले को ‘‘घृणित’’ करार दिया और कहा कि यूरोप भारत के साथ खड़ा है। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पहलगाम में आज हुए जघन्य आतंकी हमले ने कई निर्दोष लोगों की जान ले ली। मैं नरेन्द्र मोदी और आज शोक मना रहे हर भारतीय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं जानती हूं कि भारत की भावना अटूट है। आप इस मुश्किल घड़ी में मजबूती से खड़े रहेंगे और यूरोप आपके साथ खड़ा रहेगा।’’ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर और विदेश मंत्री डेविड लैमी ने सोशल मीडिया पर भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की।