By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 05, 2021
नयी दिल्ली। केंद्र ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि सोशल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ट्विटर इंक भारत के नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन करने में विफल रही है, जो देश का कानून है और इसका अनिवार्य रूप से पालन करना आवश्यक है। केंद्र ने उच्च न्यायालय में दाखिल एक हलफनामे में कहा कि आईटी नियमों का पालन नहीं किया जाना इनके प्रावधानों के उल्लंघन के समान है, जिसके कारण ट्विटर को आईटी अधिनियम के तहत प्रदान की गई अपनी प्रतिरक्षा को खोना पड़ सकता है। हलफनामा वकील अमित आचार्य की एक याचिका के जवाब में दायर किया गया है। आचार्य ने दावा किया था कि ट्विटर केंद्र के नए आईटी नियमों का पालन नहीं कर रहा। मामले पर मंगलवार को भी सुनवाई होनी है।
बाद में प्रतिवादी संख्या 2 (ट्विटर इंक) ने सवाल पूछने वाले प्रतिवादी (एमईआईटीवाई) को सूचित किया कि उक्त अंतरिम आरजीओ और नोडल अधिकारी अपने पदों से हट गये हैं या उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। हलफनामे में कहा गया है, मैं बताना चाहता हूं कि प्रतिवादी संख्या 2 वेबसाइट / मोबाइल एप्लिकेशन से प्राप्त विवरण के अनुसार, भारत की शिकायतों को अंतरिम रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित प्रतिवादी संख्या 2 के कर्मी देख रहे हैं, जो आईटी नियम 2021 के गैर-अनुपालन के समान है। ” ट्विटर ने भी अपना हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें उसने कहा है कि वह नए आईटी नियमों के तहत एक अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी और एक अंतरिम स्थानीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति के अंतिम चरण में है। कंपनी ने कहा कि इस दरम्यान एक शिकायत अधिकारी भारतीय उपभोक्ताओं की शिकायतें देख रहा है।