By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
चेन्नई, चार अगस्त तमिलनाडु में राजनीतिक दलों के नेताओं ने मंगलवार को एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उदयनिधि को पुलिस द्वारा तंजावुर ले जाए जाने के बाद एक्स पर एक पोस्ट में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने कमजोर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले गिरफ्तारी का समय चुना जाना संदेह पैदा करता है। उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष के नेता की पूर्ण अनुपस्थिति में विधानसभा का संचालन करना बेहद निंदनीय है और यह दर्ज मामले से परे किसी गहरे राजनीतिक षड्यंत्र या मकसद की व्यापक आशंकाओं को जन्म देता है।
पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए डीएमडीके प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने कहा, विपक्ष की आवाज दबाने का यह कृत्य निंदनीय है। उन्होंने इसकी तुलना औपनिवेशिक दौर से करते हुए कहा कि ब्रिटिश शासन के समय मुंह बंद करने वाला कानून था और इसी तरह विपक्षी दलों की आवाज दबाने की मौजूदा कार्रवाई भी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तर्कों का जवाब तर्कों से देना ही लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखता है और गिरफ्तारी को समाधान नहीं माना जाना चाहिए।
अन्नाद्रमुक के उप महासचिव के. पी. मुनुसामी ने भी सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ‘‘सत्ता का दुरुपयोग कर’’ विपक्ष के नेता को गिरफ्तार करा रहे हैं। द्रमुक नेता थंगम थेन्नारसु ने गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
वहीं, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) प्रमुख टी. थिरुमावलवन ने उदयनिधि की टिप्पणी को सभ्य राजनीति में अस्वीकार्य बताते हुए उनसे भीड़ को खुश करने वाली बिना सोचे-समझे बयानबाजी छोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस घटना की देशभर में आलोचना हुई है। हालांकि, थिरुमावलवन ने राज्य सरकार से पांच अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले उदयनिधि की गिरफ्तारी से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ऐसा संयम सत्तारूढ़ दल की छवि को बेहतर करेगा और सभी दलों को केंद्र सरकार से तमिलनाडु के कावेरी जल अधिकारों की मांग के लिए एकजुट होने में मदद करेगा। द्रमुक सांसद कनिमोझी ने एक्स पर कहा कि सरकार कानून के खिलाफ दमनकारी तरीकों का सहारा ले रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, विपक्ष के नेता को इस तरह गिरफ्तार करना, केवल उन्हें कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में भाग लेने से रोकने के लिए, घोर कायरता है।
द्रमुक नेताओं अनबिल महेश, थंगम थेन्नारसु, मा. सुब्रमणियन और के. एन. नेहरू ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की।