By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
चेन्नई, चार अगस्त तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस अधिकारियों ने उनके परिवार और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता मा. सुब्रमण्यम से बातचीत की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में द्रमुक कार्यकर्ता उदयनिधि के आवास के बाहर एकत्र हो गए और अपने नेता के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
द्रमुक कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी की आवश्यकता और उसकी वजह को लेकर पुलिस अधिकारियों से बहस की। इस दौरान आवास के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधक भी हटा दिए। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के लिए उदयनिधि स्टालिन के नीलांकरई स्थित आवास पहुंचने के बाद पुलिस ने करीब एक घंटे तक इंतजार किया।
पुलिस जब उदयनिधि को वाहन में बिठाकर तंजावुर ले जा रही थी, उस समय राज्य के पूर्व मंत्री के.एन. नेहरू और पी.के. शेखर बाबू सहित द्रमुक के कई नेता वहां मौजूद थे, जिन्होंने नारेबाजी की। गिरफ्तारी के विरोध में द्रमुक कार्यकर्ताओं ने राज्य भर में प्रदर्शन किया और ‘सड़क जाम’ भी किया। अपने नेता की गिरफ्तारी से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए कुछ जगहों पर उनके पुतले भी जलाए।
उदयनिधि के खिलाफ नौ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, दंगा भड़काने के इरादे से लोगों को उकसाने, महिला की गरिमा को अपमानित करने और आपराधिक धमकी देने जैसी धाराएं शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।