By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 16, 2026
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने राजनीतिक विरोधियों, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और युवा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर की जा रही गिरफ्तारियों के बढ़ते चलन को लेकर रविवार को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार की आलोचना की। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कानूनी शाखा की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रशासन के कदमों को फासीवादी बताया और अधिकारियों पर भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण लोगों को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘ अगर आप बोलते हैं तो गिरफ्तारी हो जाती है।
अपनी हालिया गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए उदयनिधि ने कहा, जब पुलिस सुबह आठ बजे मेरे घर पहुंची, तब मैं अखबार पढ़ रहा था। मुझे लगा कि वे इस अक्षम सरकार की आलोचना करने के कारण मुझे गिरफ्तार करने आए हैं, लेकिन उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं था। हमारी कानूनी टीम त्वरित गति से मद्रास उच्च न्यायालय पहुंची और सुनिश्चित किया कि न्याय मिले।
तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री को लोकप्रिय अभिनेत्री तृशा के संदर्भ में कथित द्विअर्थी टिप्पणी करने और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में चार अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। द्रमुक नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जान-बूझकर युवा कार्यकर्ताओं और जेन-जेड युवाओं को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा, यह सरकार जेन-जेड युवाओं से डरी हुई है जो हमारी विचारधारा के पक्ष में आवाज उठा रहे हैं।
वे उनके परिवारों में डर पैदा करने के लिए उन्हें निशाना बनाते हैं। हमारी कानूनी शाखा को इन युवा आवाजों की सुरक्षा के लिए एक अभेद्य किले की तरह काम करना चाहिए। इस बीच, द्रमुक की कानूनी इकाई ने एक प्रस्ताव पारित कर हाल ही में तंजावुर में किसानों के समर्थन में बोलने पर उदयनिधि की गिरफ्तारी के लिए टीवीके सरकार की कड़ी निंदा की।
एक और प्रस्ताव में सोशल मीडिया मंच पर विपक्ष के नेता के बारे में अपमानजनक बातें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए राज्य सरकार की निंदा की गई।