By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
जेनेवा, 31 जुलाई (एपी) फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो की विश्व कप समेत प्रमुख फुटबॉल प्रतियोगिताओं में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी देने की विवादित योजना के खिलाफ यूरोपीय देशों ने बड़ा कदम उठाते हुए बृहस्पतिवार को फीफा विश्व कप और उसकी सभी प्रतियोगिताओं के बहिष्कार करने पर सहमति जता दी है। उत्तर, मध्य अमेरिका और कैरेबियाई फुटबॉल परिसंघ (कॉनकाकाफ) ने भी इस प्रस्ताव को खारिज कर इन्फेंटिनो पर दबाव और बढ़ा दिया। यूरोपीय फुटबॉल महासंघ (यूईएफए) ने अपने 55 सदस्य देशों की आपातकालीन ऑनलाइन बैठक के बाद कहा, ‘‘यूईएफए और उसके सदस्य संघ फीफा की किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लेंगे।’’ फीफा का अगला निर्धारित टूर्नामेंट पांच सितंबर से पोलैंड में आयोजित होने वाला अंडर-20 महिला विश्व कप है।
जब तक यूरोप की आवाज सुनी जाएगी, इसे कभी बिक्री के लिए नहीं रखा जाएगा।’’ सूत्रों के अनुसार, इन्फेंटिनो ने फीफा के 211 सदस्य देशों को मध्य सितंबर तक एक प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए कहा है। इसके तहत प्रत्येक सदस्य संघ को मौजूदा वित्तीय आर्थिक सहायता एक करोड़ की जगह दो करोड़ डॉलर देने का वादा किया गया है। कॉनकाकाफ ने भी बृहस्पतिवार को अपने 41 सदस्यो की बैठक में इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
संगठन ने कहा कि सदस्य देशों ने प्रस्ताव को लेकर पारदर्शिता की कमी, अत्यंत कम समयसीमा और फीफा की संबंधित प्रशासनिक संस्थाओं से मंजूरी न लेने पर गंभीर चिंता जताई है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि इतिहास के सबसे अधिक लाभदायक विश्व कप के बाद बाहरी निवेश की आवश्यकता आखिर क्यों है। इससे पहले मंगलवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, फीफा अपनी व्यावसायिक गतिविधियों को ‘फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज (एफएफई)’ नामक लगभग 20 अरब डॉलर मूल्य की नई सहायक कंपनी में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है।
इसमें 20 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी निवेशकों को दी जाएगी। प्रमुख निवेशक के रूप में न्यूयॉर्क की एक निवेश कंपनी का नाम सामने आया है, जिसकी स्थापना जोशुआ कुशनर ने की है। वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के भाई हैं।
इन्फेंटिनो 2016 में फीफा अध्यक्ष बनने से पहले लंबे समय तक यूईएफए में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे थे। फुटबॉल राजनीति में आए इस बड़े घटनाक्रम के बीच एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) ने भी पहली बार इन्फेंटिनो की योजना पर खुलकर सवाल उठाए। एएफसी अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने अपने 46 सदस्य देशों को भेजे पत्र में कहा कि फीफा की एकतरफा कार्रवाई महाद्वीपीय फुटबॉल की बुनियाद को कमजोर करती प्रतीत होती है और इससे क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने लिखा कि सभी महाद्वीपीय परिसंघों के समर्थन के बिना ऐसी पहल सफल नहीं हो सकती और फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं है। इन्फेंटिनो ने हालांकि बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि व्यावसायिक गतिविधियों को अलग कंपनी में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव ‘एक विकल्प है, कोई बाध्यता नहीं।