By दिव्यांशी भदौरिया | Sep 13, 2026
इस साल 14 सितंबर 2026, सोमवार से गणेश चतुर्थी का पर्व शुरु हो रहा है। इस दौरान लोग अपने घर बप्पा का स्वागत करते और उन्हें स्थापित करते हैं। श्री गणेश को प्रसन्न करने के लिए भक्तजन उनके लिए मोदक बनाते हैं। मोदक भगवान गणेश को अति प्रिय है।
उकडीचे मोदक का आटा कैसे तैयार करें?
यदि आप इस बार उकडीचे मोदक बनाने जा रहे हैं, तो आटा बनाते समय सबसे जरुरी है कि उसमें गांठें न रहें और आटा अच्छी तरह पककर नरम हो जाए। इसके लिए आपको चावल के आटे को गर्म पानी में डालने के बाद उसे अच्छी तरह मिला लें। आटा जब पानी के साथ मिल जाए, यानी वो हलवा जैसा दिखाई दे, तो कुछ देर तक ढककर रख दें। फिर आटा थोड़ा ठंडा हो जाए, तो इसे अच्छे से गूंथ लें। अब आपको बता दें कि, सबसे जरुरी काम कौन-सा है? तो बता दें कि, जब आप पानी गर्म करें तो इसमें एक चम्मच या आटा और पानी का हिसाब से घी डालना होगा।
ये है उकडीचे आटा को गूंथने की सबसे आसान ट्रिक
जब आप आटा गूंथें तो हाथों पर थोड़ा-सा घी लगाकर उसे अच्छी तरह से मसलें। इससे आटा अधिक नरम और चिकना हो जाएगा। ऐसे में मोदक बनाते समय जब आप आटे को फैलाएंगे, तो यह आसानी से फैला जाएगा और किनारों पर दरारें भी नजर नहीं आएगी।
उकडीचे मोदक का आटा कैसा होना चाहिए?
उकडीचे मोदक बनाने के लिए आटा न तो अधिक सूखा होना चाहिए और न ही इतना गीला कि हाथों में चिपकता रहे। यदि आटा सूखा रहेगा, तो उसे फैलाते समय दरारे आ सकती हैं और मोदक फट सकता हैं। इसलिए आटा को तैयार करने बाद अच्छे से गूंथना जरुरी है।
मोदक बनाते समय भी रखें इन बातों का ध्यान
आटा तैयार हो जाए तो मोदक बनाते समय उसे खुला ने छोड़े। आपको जितना आटा का इस्तेमाल करना है उतना ही लें। ऐसा करने से आटा जल्दी सूखेगा नहीं। अब छोटी लोई लें और इसे हाथ से धीरे-धीरे फैलाएं। इसको ज्यादा पतला करने की कोई जरुरत नहीं है। यदि आटा फैलाते समय किनारे सूखे या फटे हुए दिखें, तो उसे दोबारा नरम कर लें। फिर भरावन रखकर भाप में पका लें।