रूस के हमलों से बचकर निकले यूक्रेनी नागरिकों ने आपबीती सुनाई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 29, 2022

कीव। रूसी सैनिकों ने यूक्रेन के पूर्वी शहर सिविएरोदोनेत्स्क और लिसिकांस्क पर हमले तेज कर दिए हैं। इन इलाकों से बचकर निकले लोगों का कहना है कि बीते एक हफ्ते से गोलाबारी तेज हो गई है, जिससे वे बेसमेंट में बने बम रोधी केंद्रों से बाहर निकल ही नहीं पा रहे थे। रूस की भारी गोलाबारी के बावजूद कुछ लोग इन इलाकों से निकलकर 130 किलोमीटर दक्षिण स्थित पोक्रोवस्क पहुंचे और शनिवार को निकासी ट्रेन की मदद से पश्चिमी यूक्रेन रवाना हुए, जो युद्धक्षेत्र से दूर है।

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उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिन से लोग बेसमेंट से बिल्कुल भी बाहर नहीं निकल पाए हैं। याना ने कहा, ‘‘वहां स्थिति बेहद खराब है। बाहर निकलना बहुत खतरनाक है।’’ उन्होंने बताया कि शुक्रवार को पुलिस उन्हें बेसमेंट से निकालने पहुंची, जहां नौ बच्चों सहित 18 लोग बीते दो से ढाई महीने से रह रहे थे। याना ने कहा, ‘‘हम वहां बैठे थे, तभी यातायात पुलिस आई और कहा कि आपको जल्द से जल्द निकलना चाहिए, क्योंक अब लिसिकांस्क में रहना सुरक्षित नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि भारी बमबारी और बिजली, पानी व गैस की कमी के बावजूद कोई शहर छोड़कर जाना नहीं चाहता था। बकौल याना, ‘‘हम वहां से आना नहीं चाहते थे, लेकिन अपने बच्चों की खातिर निकला पड़ा।’’ ओक्साना की उम्र 74 साल है और उनकी कहानी भी अलग नहीं है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को विदेशी स्वयंस्वेकों ने उन्हें उनके 86 वर्षीय पति के साथ लसिकांस्क से निकाला। भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए ओक्साना ने कहा, ‘‘मैं कहीं जा रही हूं, लेकिन कहां, पता नहीं। अब मैं एक भिखारी हूं, जिसके पास कोई खुशी नहीं है। मुझे अब मदद के सहारे जीना होगा। इससे अच्छा तो यही है कि मुझे मौत आ जाए।

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