उमर खालिद की कोर्ट में दलील, कहा- गवाहों की सुनी-सुनाई बातों के आधार पर दो साल से हूं जेल में

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 25, 2022

नयी दिल्ली। दिल्ली में इस वर्ष फरवरी में हुयी हिंसा के सिलसिले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दलील दी कि वह दो साल से कुछ संरक्षित गवाहों की सुनी-सुनाई बातों के आधार पर दिए गए बयान की वजह से जेल में है और इन बातों के समर्थन में कुछ आधार नहीं है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ के समक्ष खालिद के वकील ने कहा, “अभियोजन पक्ष को वास्तव में यह तय करने की जरूरत है कि मेरे खिलाफ क्या मामला है।” पीठ खालिद की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निचली अदालत की ओर से उसकी जमानत याचिका को खारिज करने को चुनौती दी गई है। निचली अदालत ने 24 मार्च को मामले में खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। 

उन्होंने दलील दी कि अब किसी भी शख्स के बयान के आधार पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज कर लिया जाता है और इसी वजह से खालिद इस मामले में आरोपी है। वकील ने कहा कि इस मामले में पुलिस का दायर आरोप पत्र लच्छेदार और निराधार है। अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए बुधवार को सूचीबद्ध किया है। खालिद के वकील ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दलील दी कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन ‘अन्यायपूर्ण कानून’ के विरुद्ध था और यह किसी भी तरह से प्राधिकार के खिलाफ कृत्य नहीं था औरपुलिस ने उसपर कई कृत्यों के जो आरोप लगाए हैं, वे ‘आतंक’ के दायरे में आते तक नहीं हैं और प्रदर्शनकारी यूएपीए के तहत परिकल्पित हिंसा को अंजाम नहीं दे रहे थे। 

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उच्च न्यायालय ने इससे पहले खालिद पर 21 फरवरी 2020 को अमरावती में दिए भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए सवाल उठाए थे। खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में है। खालिद, शरजील इमाम समेत कई लोगों को फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों के सिलसिले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनपर दंगों की साजिश रचने का आरोप है। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।सीएए के समर्थकों और विरोधियों की बीच झड़प होने के बादउत्तर पूर्वी क्षेत्र के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी।

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