लेबनान में बिगड़े हालात, तेजी से बढ़ रही गरीबी; संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 13, 2021

बेरूत। संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने शुक्रवार को लेबनान संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि लेबनान एक असफल देश है, उसने अपने लोगों को भी उन संकटों से जूझते हुए छोड़ दिया है जिनके कारण आबादी गरीब हो गयी है तथा अधिकारियों में विश्वास कम हो गया है। गरीबी पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ओलिवियर डी शूटर ने लेबनान की 12-दिवसीय यात्रा के अंत में यह चिंता जताई। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के साथ साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि लेबनानी राजनेताओं को एहसास हो कि वे विदेशी सहायता और मानवीय सहायता पर अनिश्चित काल तक भरोसा नहीं कर सकते। डी शूटर ने कहा कि सरकार को 60 लाख की आबादी वाले इस देश में गरीबों की रक्षा में मदद के लिए कदम उठाने में अब भी देर नहीं हुई है। इनमें 10 लाख सीरियाई शरणार्थी शामिल हैं।

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डी शूटर ने यह भी कहा कि विश्व बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से वित्त पोषण पर निर्भर सामाजिक सुरक्षा वर्तमान में आबादी का केवल दसवां हिस्सा कवर करती है। उन्होंने कहा कि देश के निराश्रितों की रक्षा के लिए एक राष्ट्रीय योजना होनी चाहिए, जो विदेशी सहायता पर निर्भर न हो। उन्होंने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र को सुधारों पर सहायता की शर्त, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करने और सार्वजनिक वित्त का बेहतर उपयोग करने की सलाह देंगे। डी शूटर ने कहा, ‘‘अगर इन सुधारों को लागू नहीं किया जाता है तो मानवीय सहायता में पैसा लगाने का कोई मतलब नहीं है।’’ सरकार ने कहा है कि एक सुधार योजना के लिए वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ बातचीत को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन लेबनान की सरकार एक बार फिर आंतरिक लड़ाई में घिरी है। सऊदी अरब ने लेबनान के सूचना मंत्री जॉर्ज कोर्डाही के विवादास्पद बयान के बाद बेरूत से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है और लेबनानी दूत को देश छोड़ने के लिए कहा है। इसने लेबनान के आयात पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने भी अपने शीर्ष राजनयिकों को लेबनान से बुला लिया है, जिससे विवाद गहरा गया है। कोर्डाही शुक्रवार को अपने पद पर अड़े हुए दिखाई दिए और कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि उनके इस्तीफे से विवाद सुलझ जाएगा। कोर्डाही ने यमन में सऊदी अरब की लड़ाई को ‘‘बेतुका और आक्रामक’’ बताया था, जहां सऊदी अरब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।

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