दिल्ली लाल किला हमले के पीछे था आतंकी संगठन AQIS, UN रिपोर्ट में हुई आधिकारिक पुष्टि

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 13, 2026

नयी दिल्ली में पिछले साल नवंबर में लाल किले पर हुए आतंकवादी हमले के लिए ‘अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (एक्यूआईएस) को ‘‘आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया’’ है। आतंकवाद-रोधी प्रतिबंधों की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक इकाई की नयी रिपोर्ट में यह बात कही गई है। नयी दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए भीषण विस्फोट में करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे।

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ऐसे हथियार विकसित करने के निर्देश ऑनलाइन आतंकवादी समूहों में व्यापक रूप से साझा किए गए हैं। इसमें कहा गया, ‘‘उदाहरण के लिए, फरवरी में आईएसआईएल (दाएश) की अंग्रेजी की पत्रिका ‘इनवेड’ में ‘बोटुलिनम टॉक्सिन’ और ‘सायनाइड’ विकसित करने के निर्देश शामिल थे।’’ रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत-खुरासान (आईएसआईएल-के) ने इसमें ‘‘विशेष रुचि’’ दिखाई है और पिछले 12 महीने में उसने ‘राइसिन’ नाम का जहरीला पदार्थ विकसित करने से संबंधित निर्देश प्रसारित किए। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारतीय अधिकारियों ने 2025 के अंत में एक चिकित्सक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें विदेश में सक्रिय आईएसआईएल (दाएश) के एक समूह ने राइसिन विकसित करने का काम सौंपा था।’’ रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार हमले जारी रहने के कारण दक्षिण एशिया में अत्यधिक क्षेत्रीय तनाव पर बना हुआ है।

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तालिबान इस बात से सार्वजनिक रूप से लगातार इनकार करता रहा है कि वह किसी आतंकवादी संगठन को पनाह दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने चिंता जताई कि संघर्ष की स्थिति आतंकवादी संगठनों के लिए अवसर पैदा कर सकती है और इससे क्षेत्र के सामने सुरक्षा संबंधी अतिरिक्त चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘अफगानिस्तान से पैदा होने वाला आतंकवादी खतरा लगभग पहले जैसा ही बना हुआ है।

कई आतंकवादी संगठनों का अफगानिस्तान में सक्रिय रहना पड़ोसी देशों और मध्य एशियाई क्षेत्र के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत-खुरासान से निपटने और अन्य आतंकवादी संगठनों पर अंकुश लगाने के अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद वे आतंकवाद की समस्या को दबाने में नाकाम रहे हैं।

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