By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 17, 2023
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा से जुड़े उस रूसी मसौदा प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें नागरिकों के खिलाफ हिंसा और आतंकवाद की तो निंदा की गई, लेकिन इसमें इजराइल पर हमास के हमले का कोई जिक्र नहीं है। हालांकि, प्रतिद्वंद्वी ब्राजीलियाई मसौदे पर मतदान मंगलवार को होगा। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने सोमवार शाम को रूस की ओर से पेश मसौदा प्रस्ताव पर मतदान करने के लिए बैठक की। यह पहला मसौदा है जब इजराइल और फलस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के बीच बढ़ते युद्ध के बीच संयुक्त राष्ट्र के इस शक्तिशाली निकाय द्वारा विचार किया गया। एक पेज के इस प्रस्ताव पर मतदान में केवल पांच देशों, रूस, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, मोजाम्बिक और गैबॉन ने पक्ष में मतदान किया और यह पारित नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि वाशिंगटन मॉस्को के प्रस्ताव का समर्थन नहीं कर सकता, जो हमास के आतंकवाद को नजरअंदाज करके पीड़ितों का अपमान करता है। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने मतदान से पहले कहा कि मसौदा प्रस्ताव ‘विशुद्ध रूप से मानवीय पाठ’ है। संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटेन की राजदूत बारबरा वुडवर्ड ने कहा, ‘‘इजरायल के इतिहास में सबसे बड़े आतंकी हमले को नजरअंदाज करना इस परिषद के लिए उचित नहीं होगा।’’ उन्होंने कहा कि इजराइल के इतिहास में सबसे बड़े आतंकवादी हमले को नजरअंदाज करना परिषद के लिए ‘‘अविवेकपूर्ण’’ है। संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर ने परिषद से कहा कि उसे यह संकेत नहीं देना चाहिए कि फलस्तीन के लोगों का जीवन कोई मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा, “यह कहने की हिम्मत मत करो कि इजराइल उन बमों के लिए जिम्मेदार नहीं है जिसे वह उनके सिर पर गिरा रहा है। हत्याओं को उचित मत ठहराएं, पीड़ित को दोष न दें, गाजा में जो हो रहा है वह कोई सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह हमारे लोगों के खिलाफ पूर्ण पैमाने पर हमला है। यह निर्दोष नागरिकों के खिलाफ नरसंहार है।