By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 29, 2026
अक्सर लोगों को गगनचुंबी इमारतों, पहाड़ों या बड़ी-बड़ी गाड़ियों के देखकर अचानक से घबराहट या बेचैनी महसूस होती है। NCBI की स्टडी के अनुसार, यह समस्या मेगालोफोबिया के लक्षण हैं। इस डर के कारण लोग बार-बार परेशान नजर आते हैं, इसको नजरअदांज भी नहीं किया जा सकता है। वैसे डॉक्टर से मेगालोफोबिया का सही इलाज करवाना चाहिए, जिससे बढ़ती उम्र में इस समस्या से बचने में मदद मिल सके।
आमतौर पर फोबिया यानी के डर अलग-अलग चीजों से हो सकता है। जैसे अनजान व्यक्ति से मिलने में घबराहट होना, पानी से डर लगना। इसी तरह से मेगालोफोबिया किसी भी उम्र में हो सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक की स्टडी के मुताबिक, यह बच्चों में शुरु होकर और किशोरावस्था या युवावस्था में सामने आते हैं। महिलाओं में ऐसे खास फोबिया होने की संभावना अधिक होती है। वैसे यह फोबिया मानसिक सेहत से संबंधित एक आम समस्या है।
कैसे समझें मेगालोफोबिया के लक्षणों को?
- बहुत ही ज्यादा डर और बेचैनी महसूस होना।
- दिल की धड़कन जरुरत से ज्यादा तेज हो जाना।
- सांस लेने में तकलीफ महसूस होना।
- चक्कर आना या सिर घूमना।
- जी मिचलाना।
- ऊंची इमारतों या पहाड़ों वाली जगह के पास ना जाना।
मेगालोफोबिया का कारण क्या है?
रिसर्च में यह नहीं पता चला कि सच में मेगालोफोबिया का कारण क्या है। रिसर्चर्स का मानना है कि कोई नकारात्मक या दर्दनाक अनुभव जिसमें कोई बड़ी वस्तु शामिल हो, ऐसी स्थिति व्यक्ति में मेगालोफोबिया का कारण बन जाती है।
मेगालोफोबिया को कैसे मैनेज करें और इसका इलाज क्या है?
कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी
CBT इसका इलाज का पहला तरीका है। इस थेरेपी की मदद से उन नकारात्मक विचारों को पहचानने और बदलने में मदद मिलती है, जिनसे मेगालोफोबिया के पेशेंट को डर लगता है।
एक्सपोजर थेरेपी
अगर धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से डर का सामना करने से डर को कम किया जाता है। बड़ी चीजों को देखने का तरीका बताया जाता है, जैसे कि वीडियो दिखाई जाती है और फिर गगनचुंबी इमारतों, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और ऐसी चीजों को देखने में डर नहीं लगता है।
रिलैक्सेशन तकनीकें
इस फोबिया से राहत पाने के लिए गहरी सांस लेना, माइंडफुलनेस या ग्राउंडिंग एक्सरसाइज शरीर के तनाव को कम कर सकती है। इनका नियमित प्रैक्टिस करने से एंग्जायटी होने पर उसे मैनेज करना काफी आसान हो जाता है।
प्रोफेशनल मदद
यदि डर रोजमर्रा की जिंदगी में रुकावट डाल रहा है, तो प्रोफेशनल मदद बहुत फायदेमंद रहने वाली है। काउंसलिंग की मदद से आपको डर को ट्रिगर करने वाली चीजों को समझना जरुरी है और उनसे निपटने के तरीके सीखें, जिससे आपका डर कम हो जाए।