By अंकित सिंह | Jun 29, 2023
पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर कटाक्ष किया है। कपिल सिब्बल ने साफ तौर पर पूछा कि उनका प्रस्ताव कितना "समान" है और क्या यह हिंदुओं, आदिवासियों और पूर्वोत्तर को कवर करता है। दरअसल, हाल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूसीसी को लेकर एक सबयान दिया था। इसी के बाद देश में इस मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है। विपक्षी दल जबरदस्त तरीके से केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की पुरजोर वकालत करते हुए सवाल किया कि ‘‘दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा?’’ उन्होंने साथ ही कहा कि संविधान में भी सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार का उल्लेख है। उन्होंने कहा, ‘‘हम देख रहे हैं समान नागरिक संहिता के नाम पर लोगों को भड़काने का काम हो रहा है। एक घर में परिवार के एक सदस्य के लिए एक कानून हो, दूसरे के लिए दूसरा, तो क्या वह परिवार चल पाएगा। फिर ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा? हमें याद रखना है कि भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है।’’ उन्होंने कहा, ये लोग (विपक्ष) हम पर आरोप लगाते हैं लेकिन हकीकत यह है कि वे मुसलमान, मुसलमान करते हैं। अगर वे वास्तव में मुसलमानों के हित में (काम) कर रहे होते, तो मुस्लिम परिवार शिक्षा और नौकरियों में पीछे नहीं होते।”
गौरतलब है कि विधि आयोग ने 14 जून को यूसीसी पर नए सिरे से विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू की थी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मुद्दे पर सार्वजनिक और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों सहित हितधारकों से 13 जुलाई तक अपने विचार स्पष्ट करने को कहा है।