By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को प्रमुख बंदरगाहों में बंदरगाह-आधारित उद्योगों को भूमि के आवंटन के लिए एक संशोधित नीति को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार संशोधित नीति मौजूदा कैप्टिव उपयोगकर्ताओं को 30 वर्षों तक की बढ़ी हुई आवश्यकता के लिए नई बर्थ, जेट्टी, टर्मिनल, सिंगल बॉय मूरिंग (एसबीएम) जोड़ने की अनुमति देती है। साथ ही नीति बदलते कारोबारी और नियामक स्थितियों से होने वाले बदलावों का समाधान भी करती है।
बयान में कहा गया कि इस नीति से निवेशकों को अधिक निश्चितता मिलने, क्षमता वृद्धि को बढ़ावा मिलने और सरकार पर बिना किसी वित्तीय प्रभाव के बंदरगाह क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी की उम्मीद है। बयान के अनुसार ये सुधार प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरणों को किसी नई निविदा प्रक्रिया की आवश्यकता के बिना मौजूदा बंदरगाह आधारित उद्योगों (पीडीआई) के रियायत समझौतों को 30 साल तक नवीनीकृत या विस्तारित करने की अनुमति देते हैं।