By Prabhasakshi News Desk | Jan 25, 2025
नयी दिल्ली । संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सर्वसम्मति से कृषि विपणन के लिए राष्ट्रीय नीति ढांचे (एनपीएफएएम) को खारिज कर इसे ‘तीन कृषि कानूनों’ का पुनर्जन्म बताया। संगठन ने कहा कि वह इसका विरोध करने के लिए सभी राज्यों की राजधानियों में ‘पक्का मोर्चा’ शुरू करेगा। एचकेएस सुरजीत भवन में एसकेएम की आमसभा की बैठक के बाद यहां जारी बयान में कहा गया कि सभी नेताओं ने नई नीति को बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट की मदद करने के लिए सरकारी मंडियों पर ‘क्रूर हमला’ करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘एसकेएम के नेता एनपीएफएएम को खारिज करने के लिए राज्य विधानसभा बुलाकर प्रस्ताव पारित करने की मांग करने के लिए संबंधित मुख्यमंत्रियों से मिलेंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इसे वापस लेने की मांग करेंगे।” उन्होंने कहा, “...अगर कोई राज्य सरकार अनुरोध का पालन करने को तैयार नहीं है, तो ऐसे सभी राज्यों की राजधानियों में किसान पक्का मोर्चा शुरू करेंगे, और जिला और उपमंडल स्तर पर भी पक्का मोर्चा शुरू करेंगे।’’
एसकेएम तैयारी के हिस्से के रूप में महापंचायत और सम्मेलन भी आयोजित करेगा। संबंधित राज्य समन्वय समितियां विवरण तैयार करेंगी। किसान संगठनों का केंद्रीय निकाय आठ और नौ फरवरी को सांसदों के कार्यालयों/निवासों के सामने इकट्ठा होगा और उनसे किसानों के साथ खड़े होने और एनपीएफएएम को खारिज करने की आवश्यकता को बतायेगा।