मनमाना, भेदभावपूर्ण, अन्यायपूर्ण, मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र दिए जाने के खिलाफ HC में याचिका

By अभिनय आकाश | Sep 11, 2025

मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले के खिलाफ बॉम्बे उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। यह फैसला सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग द्वारा 2 सितंबर, 2025 को जारी एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के माध्यम से घोषित किया गया। यह याचिका पुणे स्थित सार्वजनिक ट्रस्ट शिव अखिल भारतीय वीरशैव युवक संगठन द्वारा अधिवक्ता सतीश तालेकर और माधवी अयप्पन के माध्यम से दायर की गई है। याचिका में तर्क दिया गया है कि यह GR सुप्रीम कोर्ट द्वारा दर्ज इस स्पष्ट निष्कर्ष के विपरीत है कि कुनबी और मराठा दो अलग-अलग जातियाँ हैं और मराठा सामाजिक और शैक्षणिक रूप से उन्नत वर्ग हैं।

इसे भी पढ़ें: वसुधैव कुटुम्बकम् की जीवंत प्रतिमूर्ति और समाज को सदैव सही दिशा दिखाने वाले मार्गदर्शक हैं मोहन भागवत

यह घटना बड़े पैमाने पर मराठा विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में हुई है। 29 अगस्त को, हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने जालना और महाराष्ट्र के अन्य ग्रामीण इलाकों से मुंबई तक मार्च निकाला और मराठवाड़ा के मराठों के लिए ओबीसी आरक्षण की मांग की। प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कें जाम करने से दक्षिण मुंबई के कई इलाकों में यातायात ठप हो गया, जिससे निवासियों को भारी असुविधा हुई।

प्रमुख खबरें

Rajya Sabha में फिर भड़कीं SP MP Jaya Bachchan, टोका-टोकी पर बोलीं- बच्चे बैठ जाओ

प्रमोद तिवारी का Himanta Sarma पर पलटवार, BJP को Israel में बनानी चाहिए सरकार

Women Health: क्या प्रेग्नेंसी वाला Sugar, Delivery के बाद भी बना रहता है? जानें पूरा सच

Ram Navami पर PM Modi का राष्ट्र के नाम संदेश, प्रभु राम के आशीर्वाद से पूरा होगा Viksit Bharat का संकल्प