By अनुराग गुप्ता | Sep 07, 2021
क्या पंजशीर में खूनी संग्राम समाप्त हो गया ? क्या अहमद मसूद के लड़ाकों ने घाटी छोड़ दी है ? बहुत से सवाल और कुछ अफगानी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से मिल रहे जवाब, जो यह बता रहे हैं कि अभी जंग जारी है। हम बात उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की भी करेंगे। कांग्रेस ने दावा किया है कि भाजपा ताश के पत्तों की तरह ढेर हो जाएगी। वहीं अंत में बात किसान महापंचायत की होगी। हरियाणा के करनाल में धारा 144 लागू है और कई स्थानों पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
भाजपा के हाथों से निकल जाएगा UP ?आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम पार्टियों ने अपनी-अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। भाजपा समेत तमाम दलों ने अयोध्या की तरफ अपना रुख किया है। जहां एक तरफ किसान तबका भाजपा से नाराज चल रहा है तो वहीं बाकी के तमाम दल भाजपा के वोटबैंक पर सेंधमारी करने की कोशिशों में जुट गए हैं।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा उत्तर प्रदेश चुनाव में ताश के पत्तों की तरह ढेर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा बेहतरीन काम कर रही हैं। जब आप योगी और प्रियंका की तुलना करते हैं, तो निश्चित रूप से यूपी के लोग प्रियंका और कांग्रेस को पसंद करेंगे।वहीं ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधा है लेकिन उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनावों की बात नहीं कही बल्कि लोकसभा चुनाव का जिक्र किया है।
करनाल में धारा 144 लागूहरियाणा के करनाल में धारा 144 लागू कर दी गई है। दरअसल, किसानों पर 28 अगस्त को हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ लघु सचिवालय का घेराव करने का कार्यक्रम है। जिसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया और मोबाइल इंटरनेट सेवा को निलंबित कर दिया गया।अधिकारियों ने कहा कि जिले में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 10 कंपनियों सहित सुरक्षाबलों की 40 कंपनियां तैनात की गई हैं। हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन को छह सितंबर तक की समयसीमा दी थी। जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ यहां सोमवार को बैठक हुई लेकिन उनकी मांगों के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्होंने मंगलवार सुबह लघु सचिवालय का घेराव करने फैसला किया।वहीं हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज का भी बयान सामने आया है। जिन्होंने किसानों से शांति के साथ किसान महापंचायत करने की सलाह दी है।