By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 04, 2026
लखनऊ, चार अक्टूबर उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस राज्य में अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ब्राह्मणों, मुसलमानों, दलितों तथा अति पिछड़े वर्गों को साथ लेकर सामाजिक गठजोड़ तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य में हाल में किए गए संगठनात्मक फेरबदल से पार्टी की इस रणनीति के संकेत मिलते हैं। कांग्रेस ने शुक्रवार को अपनी उत्तर प्रदेश इकाई में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए आराधना मिश्रा ‘मोना’ को नया अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्य और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव डॉ. सैयद जमाल अहमद ने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के नेतृत्व को लेकर जनता की अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ब्राह्मणों, अल्पसंख्यकों, अति पिछड़े वर्गों और दलितों समेत विभिन्न समुदायों के कई नेता निकट भविष्य में कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
राज्य में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कांग्रेस की कोशिशें शनिवार को उस समय भी दिखाई दीं, जब अपना जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बातचीत की। वहीं, मथुरा की मांट विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा कांग्रेस में वापस लौट आए। मौर्य ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत मिलकर लड़ने को लेकर ‘‘सकारात्मक चर्चा’’ की।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी श्याम सुंदर शर्मा के दिल्ली में पार्टी में शामिल होने की जानकारी साझा करते हुए कहा, ‘‘मथुरा की राजनीति के कद्दावर स्तंभ और आठ बार के पूर्व विधायक पंडित श्याम सुंदर शर्मा की कांग्रेस पार्टी में ऐतिहासिक वापसी।’’ शर्मा ने पार्टी के दिल्ली स्थित कार्यालय में राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा, पार्टी महासचिव एवं जम्मू कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी सैयद नासिर हुसैन तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेतृत्व वाली सरकारों में मंत्री रह चुके मौर्य ने 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन किया था। बाद में सपा से मतभेद के चलते उन्होंने विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया और अपने नए दल ‘अपना जनता पार्टी’ का गठन किया।
वहीं, श्याम सुंदर शर्मा के पास संगठनात्मक कार्यों का अच्छा खासा अनुभव है। कांग्रेस के पूर्व नेता शर्मा ने 1989 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर मांट विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी और 1991 तथा 1993 में भी निर्वाचित हुए। बाद में वह लोकतांत्रिक कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी से भी जुड़े रहे।
कांग्रेस ने कहा कि शर्मा की वापसी से न केवल मथुरा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी पार्टी को मजबूती मिलेगी। प्रदेश कांग्रेस इकाई ने यह भी कहा कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम की मौजूदगी में विभिन्न दलों के 114 से अधिक प्रमुख नेता और पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस में शामिल होने वालों में बहराइच नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष हाजी रेहान खान आढ़ती, ओबीसी समुदाय के वरिष्ठ नेता रामवीर चौधरी, आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व उत्तर-पूर्व लोकसभा प्रभारी महबूब मलिक और अंसारी समुदाय के दिल्ली इकाई के नेता नासिर अंसारी शामिल हैं।