UP सरकार के मंत्री ब्रजेश पाठक ने कुल 152 कार्यों का किया लोकार्पण

By प्रेस विज्ञप्ति | Aug 26, 2021

उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा किसानों के उत्थान के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है। किसानों को कृषि कार्य हेतु ऋण व अन्य सुविधायें प्रदान करते हुए उनका विकास किया जा रहा है। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले इसके लिए वर्तमान सरकार द्वारा निरन्तर कार्य किया जा रहा है। किसानों की उपज के भण्डारण की व्यवस्था बेहतर हो, इसके लिए खाद्यान्न के भण्डारण क्षमता में निरन्तर वृद्धि की जा रही है। यह विचार सहकारिता मंत्री श्री वर्मा ने आज यहां उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0, गोमतीनगर विस्तार स्थित लखनऊ में उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 एवं उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 लखनऊ द्वारा निर्मित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत प्रदेश की साधन सहकारी समितियों में 100-100 मीट्रिक टन क्षमता के 74 गोदामों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रदेश की साधन सहकारी समितियों में 100-100 मीट्रिक टन क्षमता के उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 द्वारा 39 गोदाम एवं उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 द्वारा 35 गोदाम निर्मित किये गये हैं। गोदाम बन जाने से भण्डारण की व्यवस्था बेहतर होगी तथा खाद्यान्न सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में खाद्यान्न भण्डारण हेतु और गोदामों का निर्माण कराते हुए भण्डारण की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जायेगा। वर्मा ने कहा कि सहकारिता विभाग की सभी संस्थायें बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों के लिए बेहतर कार्य करते हुए उनका विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग के अंतर्गत उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 एवं उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 द्वारा शासन से प्राप्त होने वाले विभिन्न विभागों के निर्माण कार्य को मानक एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नही की जा रही है। वर्तमान सरकार में सहकारिता क्षेत्र की सभी संस्थाएं निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं। उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि0 के चेयरमैन श्री वीरेन्द्र तिवारी ने कहा  िकइस संस्था को जो भी निर्माण के कार्य मिले हैं उनका निर्माण बेहतर ढंग से किया गया है और भविष्य में भी बेहतर ढंग से किया जाता रहेगा। इस संस्था के सभी कार्मिकों को समय से वेतन मिल रहा है और यह संस्था लाभ में चल रही है। उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 के चेयरमैन श्री सूर्य प्रकाश पाल ने कहा कि इस संस्था द्वारा उ0प्र0 के सभी जनपदों में निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री जी के निर्देशन में इस संस्था द्वारा बेहतर ढंग से निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। प्रमुख सचिव/आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता श्री बी0एल0 मीणा ने कहा कि सहकारिता विभाग किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को कृषि कार्य हेतु ऋण एवं उर्वरक तथा अन्य सुविधायें उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया जा रहा है। उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 के प्रबन्ध निदेशक श्री धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि संस्था द्वारा 35 निर्माण प्रखण्डों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न विभागों के निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शासन के मंशा के अनुरूप उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2019-20 में संस्था द्वारा विभिन्न विभागों के रु0 575.31 करोड़ एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 607.96 करोड़ के कार्य कराये जा चुके हैं। इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक श्री मनोज कुमार द्विवेदी प्रबन्ध निदेशक, श्री अरविन्द कुमार सिंह, प्रबन्ध निदेशक श्री श्रीकान्त गोस्वामी, प्रबन्ध निदेशक श्री राम प्रकाश, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0, सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

मंत्री नन्दी और महापौर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को सौंपी आवास की चाभी

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण, वक्फ एवं हज, राजनैतिक पेंशन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री एवं प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से विधायक श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ और प्रयागराज की महापौर अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने आज प्रयागराज सर्किट हाउस सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 100 से अधिक लाभार्थियों को उनके आवास की चाभी सौंपी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रयागराज में 14,000 लाभार्थियों के आवास की स्वीकृति हुई है, जिसके सापेक्ष 9,179 लाभार्थियों के आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लाभार्थीयों को चाभी सौंपते हुए मंत्री श्री नन्दी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2014 में जब से इस देश की बागडोर संभाली है, तब से आज तक उनकी नीतियों और नेतृत्व के केन्द्र में गाँव, गरीब किसान, महिलाएं और युवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक देशवासी के सिर पर पक्की छत हो, इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, माननीय प्रधानमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना है। मंत्री नन्दी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत निर्धन गरीब और जरुरत मन्द लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराने में उत्तर प्रदेश पूरे देश में अव्वल है। उत्तर प्रदेश के कर्मयोगी मुख्यमंत्री परम आदरणीय योगी आदित्य नाथ जी के प्रेरणादायी नेतृत्व में समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में बदलाव आया है, आज वह आर्थिक एवं सामाजिक रुप से सशक्त हुआ है। मंत्री श्री नन्दी ने कहा कि अभी दो दिन पहले ही माननीय मुख्यमंत्री जी ने 20 लाख परिवारों को उज्ज्वला योजना के माध्यम से मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन से जोड़ा है। हमारी सरकार प्रदेश के चहुमुखी विकास के लिए सतत समर्पित है। मंत्री श्री नन्दी ने कहा कि अपना घर हर व्यक्ति और हर परिवार का सपना होता है जिन लोगों को आज उनके सपनों के घर की चाभी मिली है उनके लिए जीवन का यह यादगार क्षण है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी परिवारों को मैं हार्दिक बधाई देता हूँ और उनके समृद्ध और सुखद जीवन की कामना करता हूँ। महापौर श्रीमती अभिलाषा गुप्ता नन्दी ने मिशन शक्ति के तहत 18 महिला लाभार्थियों को आवास की चाभी सौंपी। महापौर ने आवास पाने वाले लाभार्थियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर नगर आयुक्त रवि रंजन, परियोजना अधिकारी डूडा वर्तिका सिंह, दिलीप केसरवानी, नामित पार्षद अनूप मिश्रा आदि मौजूद रहे।

प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबन्ध सुरक्षित हैं, कहीं भी किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति नहीं है

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त श्री रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबन्ध सुरक्षित हैं, कहीं भी किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति नहीं है। गत 24 घंटे में प्रदेश में 7.3 मि0मी0 औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 9.2 मि0मी0 के सापेक्ष 79 प्रतिशत है। इस प्रकार प्रदेश में 01 जून, 2021 से अब तक 559.2 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 588.3 मि0मी0 के सापेक्ष 95 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि गंगा नदी बदायूं, शारदा नदी पलियाकलाँ खीरी, घाघरा-बाराबंकी, अयोध्या, बलिया, राप्ती, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर बूढ़ी राप्ती सिद्धार्थनगर, तथा क्वानों चन्द्रीपघाट-गोंडा में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की कुल 59 टीमें तैनाती की गयी है, 4025 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 909 मेडिकल टीमें लगायी गयी है। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 द्वारा 35185 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 66788 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 338875 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 1089 बाढ़ शरणालय तथा 1293 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में अब तक कुल 897 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 16640 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 577388 है।

दुग्ध विकास के अंतर्गत ‘‘कृषकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना’’ हेतु दो करोड़ एक हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने दुग्ध विकास के अंतर्गत आच्छादित संस्थाओं के माध्यम से कृषकों को प्रशिक्षण दिए जाने हेतु ‘कृषकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम योजना’ के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 200.01 लाख (दो करोड़ एक हजार रुपये) रुपये की धनराशि प्रथम किश्त के रूप में स्वीकृत की है। योजना के लिए 400.00 लाख (चार करोड़ रुपये) रूपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है। यह धनराशि 30 जनपदों के लिए स्वीकृत की गई है। दुग्ध विकास विभाग द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेशानुसार योजना के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन एवं स्वीकृत धनराशि के नियामानुसार व्यय के संबंध में जनपद मैनपुरी, आगरा, मेरठ, जालौन (उरई) हमीरपुर, झांसी, बांदा, लखनऊ, लखीमपुरखीरी, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर, अयोध्या, अम्बेडकर नगर, गोण्डा एवं बहराइच के दुग्धशाला विकास अधिकारी/उप दुग्धशाला विकास अधिकारी/आहरण वितरण अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

यूपीनेडा के प्रशिक्षण केंद्रों के आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 62.50 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत

प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में उ0प्र0 नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के प्रशिक्षण केंद्रों के आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 62.50 लाख रुपये की धनराशि व्यय हेतु स्वीकृत कर दी है। योजना के क्रियान्वयन हेतु 2.50 करोड़ रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है।शासन ने निदेशक, उ0प्र0 नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) को निर्देशित किया है कि स्वीकृत धनराशि का प्रयोग जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाए। कार्य प्रारंभ होने से पहले समस्त औपचारिकताएं एवं वित्तीय नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कर लिया जाए। शासन ने निर्देशित किया है कि योजनाओं में  पुनरावृत्ति रोकने के लिए कराए गए कार्यों की वीडियोग्राफी जरूर कराई जाए। साथ ही कार्यस्थल पर योजना के संबंध में जानकारी हेतु मुख्य विवरण शिलापट्ट/बोर्ड पर भी प्रदर्शित किया जाए।

पूर्वांचल तथा बुन्देलखण्ड में अब मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर्स की संख्या 06 हो गई

उ0प्र0 स्टार्टअप नीति-2020 के अन्तर्गत अपर मुख्य सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स श्री अरविंद कुमार की अध्यक्षता में गठित नीति कार्यान्वयन इकाई द्वारा आज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 13 नये इन्क्यूबेटर्स को शासकीय मान्यता हेतु अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जुलाई 2020 में अपनी नई उ0प्र0 स्टार्ट-अप नीति-2020 प्रख्यापित की है तथा नीति के अंतर्गत 5 वर्षों में प्रदेश में 100 इन्क्यूबेटर्स तथा राज्य के प्रत्येक जनपद में कम से कम एक इनक्यूबेटर की स्थापना/सहायता करने का संकल्प निहित है। उ0प्र0 स्टार्ट-अप नीति-2020 में इन्क्यूबेटर्स को प्रौद्योगिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थापना/क्षमता विस्तार के लिए पूंजीगत अनुदान तथा परिचालन व्ययों की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। उ0प्र0 स्टार्ट-अप नीति-2020 तथा पूर्ववर्ती सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप नीति-2018 के अन्तर्गत अब तक कुल 24 इन्क्यूबेटर्स को शासकीय मान्यता प्रदान की जा चुकी है। नीति कार्यान्वयन इकाई द्वारा आज मान्यता प्रदान किए गए 13 इन्क्यूबेटर्स सहित यह संख्या अब 37 तक पहुंच गई है। यह इन्क्यूबेटर्स प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थापित होंगे। पूर्वांचल तथा बुन्देलखण्ड का प्रतिनिधित्व बढ़कर अब मान्यता प्राप्त 06 इन्क्यूबेटर्स का हो गया है। इन सभी इन्क्यूबेटर्स के कायर्कलापों को नीति कायार्न्वयन इकाई के समक्ष एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें प्रदेश में स्टार्टअप ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने हेतु एक विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इन्क्यूबेटर्स में इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप द्वारा एग्रीटेक, आटिर्फिशिएल इन्टेलीजेन्स (ए.आई.), इन्टरनेट ऑफ थिंग्स (आई.ओ.टी.), मशीन लर्निंग, ई-कॉमर्स, बायोटेक्नोलॉजी, पयर्टन, रूरल इनोवेशन आदि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है।  शासन द्वारा मान्यताप्राप्त यह सभी इन्क्यूबेटर्स प्रदेश में उदीयमान एवं नवीन तकनीकी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को सहयोग करते हुए एक सुदृढ़ स्टार्टअप ईकोसिस्टम का निमार्ण करेंगे। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2020 के अंतर्गत गठित नीति कार्यान्वयन इकाई की बैठक में अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई, श्री नवनीत सहगल, विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, श्री ऋषिरेंद्र कुमार, विशेष सचिव वित्त, श्री नीलरतन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यगंगा नहर के लखावटी शाखा नहर प्रणाली की क्षतिग्रस्त पुल/पुलियों की मरम्मत हेतु 73 लाख 61 हजार रूपये की धनराशि स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा मध्यगंगा नहर प्रथम चरण के अन्तर्गत लखावटी शाखा नहर प्रणाली की क्षतिग्रस्त पुल/पुलियों की मरम्मत की परियोजना हेतु प्रवाधानित एक मुश्त धनराशि 25000 लाख रूपये में से 73 लाख 61 हजार की धनराशि परियोजना के कार्याें पर व्यय करने के लिए प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 24 अगस्त, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाये। इसके साथ ही समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।

जनपद शाहजहांपुर में शारदा नहर खण्ड के कार्यालय भवन, डी0आर0ओ0 के आवास के जीर्णोद्वार/मरम्मत एवं आन्तरिक पथ निर्माण कार्य की परियोजना हेतु 01 करोड़ 08 लाख 99 हजार रूपये की धनराशि स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपद शाहजहांपुर में शारदा नहर खण्ड के कार्यालय भवन, डी0आर0ओ0 के आवास के जीर्णोद्वार/मरम्मत एवं आन्तरिक पथ निर्माण कार्य की परियोजना हेतु प्रवाधानित धनराशि 151.37 लाख में से 01 करोड़ 08 लाख 99 हजार रूपये परियोजना के कार्याें पर व्यय करने के लिए प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 24 अगस्त, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाये। इसके साथ ही समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।

इसे भी पढ़ें: पराली जलाने के मामले में किसानों के खिलाफ केस वापस लेगा उत्तर प्रदेश, CM योगी ने किया ऐलान

टोरेन्ट क्रासिंग पर नहर सुरक्षा कार्यां की परियोजना हेतु 97.50 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जनपर सहारनपुर के अन्तर्गत खारा नहर प्रणाली की राजवाहा कासिमपुर के टोरेन्ट क्रासिन्ग पर नहर सुरक्षा कार्याें की परियोजना हेतु प्रस्तावित धनराशि 195 लाख के सापेक्ष 97.50 लाख रूपये परियोजना के अवशेष कार्याें पर व्यय हेतु अवमुक्त किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 24 अगस्त, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाये। इसके साथ ही समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।

प्रदेश के राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण सत्र 2021 में प्रवेश हेतु वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विशेष सचिव व अधिशासी निदेशक श्री हरिकेश चौरसिया ने बताया कि प्रदेश के राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण सत्र 2021 में प्रवेश हेतु वेबसाइट ीजजचरूध्ध्ूूूण्ेबअजनचण्पद  पर ऑनलाइन आवेदन 04 अगस्त, 2021 से प्रारम्भ हो गया है, जिसकी अन्तिम तिथि 28 अगस्त, 2021 है। अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीयन से सम्बन्धित जानकारी के लिए 0522-4047658, 9628372929, 0522-4150500, 7897992063 पर सम्पर्क कर सकते है।

विशेष सचिव व अधिशासी निदेशक ने बताया कि प्रदेश में 305 राजकीय आई0टी0आई0 संचालित है जिनमें 70 व्यवसायों में प्रवेश हेतु 119831 सीटें उपलब्ध हैं। इसी तरह 2749 निजी आई0टी0आई0 संचालित है, जिनमें 51 व्यवसायों में प्रवेश हेतु 374460 सीटें उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु 12 विशिष्ट राजकीय संस्थान के अतिरिक्त 47 महिला शाखाएँ स्थापित हैं। प्रदेश में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 43 राजकीय आई0टी0आई0 स्थापित हैं। विशेष सचिव व अधिशासी निदेशक ने बताया कि शासनादेश के अनुसार प्रत्येक व्यवसाय की समस्त प्रवेश सीटों का अधिकतम अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत व अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 2 प्रतिशत आरक्षण तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो (ई0डब्लू0एस0) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। सैनिक आश्रित 5 प्रतिशत दिव्यांगजन 4 प्रतिशत व स्वतंत्रता सेनानी आश्रित हेतु 2 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था है। महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति सबप्लान (एस.सी.एस.पी.) के अन्तर्गत 84 विशिष्ट राजकीय आई0टी0आई0 स्थापित हैं। इन संस्थानों में वर्तमान लागू व्यवस्था के अनुसार 70 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा 15 प्रतिशत सीटें अन्य पिछड़ी जाति हेतु आरक्षित हैं। अर्हकारी शैक्षिक योग्यता की मेरिट आधारित आवेदन करने के लिए ऑनलाइन फॉर्म की व्यवस्था है। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए पंजीकरण शुल्क रुपये 150.00 तया सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु रूपये 250.00 निर्धारित है। ूूूण्ेबअजनचण्पद पोर्टल डिजिलॉकर से इंटीग्रेटेड है जिसके माध्यम से एस0सी0वी0टी0 पाठ्यक्रम के प्रशिक्षार्थी अपना अंकपत्र व प्रमाणपत्र अपने डिजिलॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं।

युवाओं, महिलाओं एवं कृषकों को रोजगारपरक प्रशिक्षण

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ0प्र0 के निदेशक आर.के. तोमर ने बताया कि बागवानी विभाग के लिये विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश के किसानों, बेरोजगारों युवकों/युवतियों को प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। प्रशिक्षण कार्यक्रम विभागीय प्रशिक्षण केन्द्रों, कृषि विश्वविद्यालयों एवं प्रदेश सरकार द्वारा नामित संस्थाओं में कराये जायेगें। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत माली प्रशिक्षण अवधि 200 घण्टे (एक माह), मधुमक्खी पालन अवधि 07 दिवसीय, मशरूम उत्पादन अवधि 07 दिवसीय, संरक्षित खेती (पाली हाउस में खेती) अवधि 07 दिवसीय, आम निर्यात हेतु बाग प्रबंधन अवधि 04 दिवसीय, उद्यमिता विकास योजना अवधि 03 दिवसीय, फूलों की खेती, अवधि 02 दिवसीय, पान की खेती अवधि 02 दिवसीय, फलों की खेती अवधि 02 दिवसीस, सब्जियों की खेती अवधि 02 दिवसीय, फल पट्टी विकास योजना अवधि 02 दिवसीय, आई.पी.एम. अवधि 02 दिवसीय, औषधीय फसलों की खेती अवधि 02 दिवसीय, पुराने बागों का जीर्णाेद्धार अवधि 02 दिवसीय तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रद्धति (पर ड्रॉप मोर कॉप) अवधि 01 दिवसीय का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी उक्त प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु विभाग की वेबसाइट ूूूण्नचीवतजपबनसजनतमण्हवअण्पद पर 15 दिन के अन्दर अपना पंजीकरण करे अथवा अपने जनपद के जिला उद्यान अधिकारी, कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

जिला आबकारी अधिकारी व 01 अन्य आबकारी निरीक्षक पर विभागीय कार्यवाही के निर्देश

अपर मुख्य सचिव, आबकारी श्री संजय आर. भूसरेड्डी द्वारा अवगत कराया गया है कि विगत 03 दिनों में जनपद आगरा के फतेहाबाद ताजगंज, समसाबाद में जहरीली शराब से हुई मौतों के सम्बन्ध में प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गयी जांच में 10 व्यक्तियों की अवैध शराब के सेवन से मौत होने की पुष्टि हुई है। शासन ने इसे गम्भीरता से लेते हुए बड़ी कार्यवाही की है। शासन की इस कार्यवाही में क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक श्री संजय विद्यार्थी को निलम्बित कर दिया गया है, साथ ही 03 बीट आरक्षियों विशाल कुमार, राजेश कुमार शर्मा तथा अमित कुमार तेवटिया को अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के विरूद्ध अभिसूचना तंत्र विकसित न कर पाने एवं कार्यवाही न करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी है। इसी प्रकार रजनीश पाण्डेय आबकारी निरीक्षक के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की गयी है। घटना में अपने पर्यवेक्षणीय दायित्वों में शिथिलता के लिए जिला आबकारी अधिकारी, आगरा नीलेश पालिया के विरूद्ध भी विभागीय कार्यवाही की गयी है। आबकारी आयुक्त श्री सेंथिल पाण्डियन सी. द्वारा यह बताया गया कि प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम गठित करते हुए अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरूद्ध प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है तथा दुकानों की गहन चेकिंग करायी जा रही है। इसी क्रम में उनके द्वारा यह भी बताया गया कि अवैध शराब के उद्गम स्थल के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त कर अवैध कारोबारियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करायी जायेगी साथ ही उनके द्वारा यह भी बताया गया कि शासन के निर्देश पर दिनांक 26 अगस्त, 2021 से 06 सितम्बर, 2021 तक अवैध शराब के निर्माण एवं विक्रय के विरूद्ध विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें: UP में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 19 नये मामले आये, अब तक कुल 6,60,82,449 को लगाई गई वैक्सीन

राजकीय पॉलीटेक्निक, बाँसडीह बलिया हेतु पुनरीक्षित लागत1932.17 लाख रूपये स्वीकृत

प्रदेश सरकार ने राजकीय पॉलीटेक्निक, बाँसडीह, बलिया के पुनरीक्षित परियोजना के परीक्षणोपरान्त पुनरीक्षित लागत 1932.17 लाख रूपये  की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार परियोजना का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व मानचित्रों को स्थानीय विकास प्राधिकरण/सक्षम लोकल अथॉरिटी से स्वीकृत कराया जायेगा। पुनरीक्षित प्रायोजना प्रस्ताव आगणन में पूर्ण किये जा चुके कार्यों की मात्राएं एवं इनकी प्राप्त भौतिक प्रगति का समस्त उत्तरदायित्व प्रशासकीय विभाग/कार्यदायी संस्था का होगा।

निर्धारित समय के अन्तर्गत गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के कारण प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में कार्य कर रहा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग

उत्तर प्रदेश के विधायी, न्याय एवं ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री, ब्रजेश पाठक ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा कुल 21,453.44 लाख रूपये की लागत से कराये जा रहे 274 कार्यों का आज यहां गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसमें 10,888.25 लाख रूपये की लागत के कुल 152 कार्यों का लोकार्पण तथा 10,565.19 लाख रूपये की लागत के कुल 122 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने इंजीनियरिंग सेक्शन से जुड़े सभी कार्मिकों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि कोविड-19 की विषम परिस्थितियों में भी इनके द्वारा जनसामान्य से बेहतर समन्वय स्थापित करते हुये निर्माण कार्यों की गति बनाये रखी। पाठक ने बताया कि इस अवसर पर प्रमुख योजनाओं के अन्तर्गत त्वरित आर्थिक विकास योजना, लागत 12089.91 लाख रूपये के 42 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण तथा 34 स्वीकृत कार्यों का शिलान्यास किया। बुन्देलखण्ड विकास निधि के अन्तर्गत 133.20 लाख रूपये के 07 पूर्ण कार्यांे का लोकार्पण किया। रूपये 430 लाख की लागत के बॉर्डर एरिया डेवलपमेन्ट के 04 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं 05 कार्यों का शिलान्यास किया। इसी प्रकार रूपये 130.49 लाख की लागत से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 11 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण तथा 04 कार्यांे का शिलान्यास किया। गौ संरक्षण केन्द्र के अन्तर्गत 1440 लाख रूपये की लागत के 03 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण तथा 09 कार्यांे का शिलान्यास किया। पाठक ने बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा 35 जनपदों में कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के शेष समस्त 40 जनपदों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत नई तकनीक एफ.डी.आर. के अन्तर्गत मार्ग निर्माण कार्य हेतु ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को नामित किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के अन्तर्गत गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के कारण ही प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का अपना कोई बजट नहीं है, फिर भी यह विभाग जनप्रतिनिधियों से सामंजस्य बनाकर समाज के वंचितों, पीड़ितों एवं गरीबों के बीच रहकर कार्य करता है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, श्रीमती कल्पना अवस्थी, निदेशक एवं मुख्य अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग श्री दिनेश कुमार, अधीक्षण अभियंता लखनऊ, श्री रूपेश वर्मा सहित विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंतागण उपस्थित रहे।

राज्य सड़क निधि से विभिन्न जनपदों के 185 मार्गों के चालू कार्यों हेतु         रू० 62 करोड़ 15 लाख 43 हजार की धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा राज्य सड़क निधि से विभिन्न जनपदों के 185 मार्गों  के चालू कार्यों हेतु रू०62 करोड़ 15 लाख43 हजार की धनराशि अवमुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है ।

इस संबंध में आवश्यक शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।

जारी शासनादेश में प्रमुख अभियंता( विकास )एवं विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित कार्यों पर आवंटित धनराशि का उपयोग प्रत्येक दशा में 31 मार्च 2022 तक कर लिया जाए तथा कार्य संपादन के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन को 30 अप्रैल 2022 तक उपलब्ध करा दिया जाए ।यह भी निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित कार्य हेतु आवंटित धनराशि के सापेक्ष वित्त विभाग द्वारा निर्गत आदेशों /ज्ञापों में उल्लिखित शर्तों के अनुसार बजट मैनुअल एवं वित्तीय हस्त पुस्तिका के नियमों ,स्थाई आदेशों आदि तथा राज्य सड़क निधि नियमावली में किए गए प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाए ।किसी भी दशा में निर्धारित कार्य हेतु आवंटित धनराशि का उपयोग किसी अन्य मद में न किया जाए । उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समस्त कार्य निर्धारित एवं अनुमोदित मानकों एवं विशिष्टियों के अनुरूप संपादित कराए जाएं तथा उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

नवनियुक्त सहायक श्रमायुक्त को मिली तैनाती

प्रदेश सरकार ने उ0 प्र0 लोक सेवा आयोग की सम्मिलित राज्य /प्रवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य/विशेष चयन) परीक्षा, 2018 के तहत चयनित अभ्यर्थियों मे से श्रमायुक्त संगठन के अंतर्गत सहायक श्रमायुक्त के 02 पदों पर नियुक्त करते हुए तैनाती प्रदान कर दी है।इसमें सुश्री नीकी नैनसी को सहायक श्रमायुक्त के पद पर कानपुर नगर में तथा श्री स्कन्द कुमार को सहायक श्रमायुक्त के पद पर गोरखपुर में तैनाती मिली है। शासन ने सहायक श्रमायुक्त के पद पर नियुक्त अभ्यर्थियों को निर्देशित किया है कि श्रमायुक्त के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करेगे तथा कार्यभार ग्रहण करने हेतु अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करेंगे।इसके पश्चात संबंधित मंडल के अपर/उप श्रमायुक्त के समक्ष उपस्थित होकर कार्य भार ग्रहण करेंगे। शासन ने निर्देशित किया है कि नवनियुक्त सहायक श्रमायुक्त को अपनी तैनाती मंडल के अपर/उप श्रमायुक्त के निर्देशानुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। संबंधित अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 02 वर्ष की अवधि तक परीक्षा पर रहेंगे। शासन ने श्रमायुक्त को निर्देश दिए है कि अभ्यर्थियों के सहायक श्रमायुक्त के पद पर कार्यभार ग्रहण करने संबंधी प्रमाण पत्र शासन को अतिशीघ्र उपलब्ध कराया जाएगा।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Prince Andrew की Arrest से British Royal Family में भूचाल, King Charles के सामने साख बचाने की चुनौती

AI Impact Summit में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, US के Pax Silica क्लब में होगी एंट्री

India AI Summit: PM मोदी के मंच पर Sam Altman-Dario Amodei ने क्यों नहीं मिलाया हाथ?

T20 World Cup में Sikandar Raza का जलवा, Zimbabwe की सुपर एट में तूफानी एंट्री।