By अभिनय आकाश | Oct 03, 2026
उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों में हज़ारों गिरफ्तारियां हुई हैं और बड़ी संख्या में पुलिस मुठभेड़ें हुई हैं। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए, जबकि 12,202 अपराधी घायल हुए। ये आंकड़े अलग-अलग कानूनों के तहत और संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई को भी दिखाते हैं। इनाम वाले 23,601 वॉन्टेड अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 87,835 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। गैंगस्टर एक्ट के तहत 15,233 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति ज़ब्त की गई, जबकि 995 लोगों पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत मामला दर्ज किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, 87,835 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने इस दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत 15,233 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति भी ज़ब्त की।
माफिया और गैंग के खिलाफ कार्रवाई
इन आंकड़ों में पहचाने गए माफिया और गैंग से जुड़े मामले भी शामिल हैं। 68 पहचाने गए माफिया और गैंग के खिलाफ कुल 909 मामले दर्ज किए गए, जबकि इनसे जुड़े 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, 995 लोगों के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट का इस्तेमाल किया गया। साइबर क्राइम के मोर्चे पर, साइबर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई के तहत 874.58 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम फ्रीज़ या होल्ड पर रखी गई। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि साइबर क्राइम के खिलाफ कार्रवाई में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा।
ये ताज़ा आंकड़े राज्य में साइबर क्राइम के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के साथ सामने आए हैं। 23 सितंबर को, हमीरपुर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने फर्जी KYC और सिम कार्ड रैकेट के एक कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामलों में गंवाए गए पैसे को वापस पाने की हालिया कोशिशों की भी जानकारी दी है।