By अंकित सिंह | Aug 11, 2023
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को पार्टी के सहयोगी लोकसभा सचेतक अधीर रंजन चौधरी का बचाव किया। अधीर रंजन को संसद के निचले सदन से निलंबित कर दिया गया था। खड़गे ने दावा किया कि अधीर रंजन ने केवल "नीरव मोदी और नीरव का मतलब "शांत" कहा था।" उन्होंने कहा कि अधिर रंजन को मामूली आधार पर निलंबित कर दिया गया है। मैं उपराष्ट्रपति और सदन के सभापति से विनती कर रहा हूं कि आपको लोकतंत्र की रक्षा करनी है क्योंकि वह (अधीर) लोक लेखा समिति, व्यापार सलाहकार समिति और सीबीसी चयन में भी हैं। उन्हें इन सभी संस्थानों से वंचित कर दिया गया है और अगर उन्हें निलंबित किया जाता है, तो यह अच्छा नहीं है।
लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों के सदस्यों ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के निलंबन और मणिपुर के मुद्दे को लेकर हंगामा किया। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से यह कहते सुना गया कि चौधरी ने आसन के साथ हमेशा सहयोग किया है। शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने के लिए कहा। लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा।लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर की गई कुछ टिप्पणियों और उनके आचरण के कारण बृहस्पतिवार को उन्हें सदन से निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी।