By रेनू तिवारी | Jul 17, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिकी वायुसेना ने शुक्रवार तड़के अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए ईरान के बुनियादी ढांचे, विशेषकर पुलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी पकड़ ढीली नहीं की, तो उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया जाएगा। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर फिर मिसाइल हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले आगे और तेज होंगे।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि शुक्रवार तड़के किए गए हवाई हमलों में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए। इस बीच, शुक्रवार सुबह ईरान के एक और हमले की आशंका के बीच कतर ने दूसरी बार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी जारी की।
वहीं, पड़ोसी देश बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजाए गए। कतर, ईरान युद्ध को समाप्त कराने के प्रयासों में पाकिस्तान के साथ एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ को लेकर वार्ता विफल हो गई है। कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि इससे पहले हुए एक हमले के दौरान मिसाइल को हवा में मार गिराए जाने के बाद उसके टुकड़े (छर्रे) गिरने से एक बच्चा घायल हो गया था। कतर में अधिकारियों ने ईरानी मिसाइलों की बौछार के बीच लोगों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय होने के दौरान लोगों ने आसमान में विस्फोटों की आवाजें सुनीं।
इससे पहले ईरान ने देश में पुलों पर अमेरिका के रातभर किए गए हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत को भी निशाना बनाया था। ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, शुक्रवार तड़के अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में पुलों पर हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। इन हमलों में होर्मुज जलडमरूमध्य के तट पर स्थित बंदर खमीर शहर को भी निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि बृहस्पतिवार को अमेरिकी हमले तेहरान और सेमनान प्रांत में भी किए गए। सेमनान ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र माना जाता है। पिछले महीने जिस अंतरिम युद्धविराम पर सहमति बनी थी, वह अब समाप्त हो चुका है।
इसके बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं। जब अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, तब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इस कदम से तेल, उर्वरक और कई अन्य वस्तुओं की कीमतें न केवल क्षेत्र में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ गई थीं और इससे वार्ता में ईरान की स्थिति मजबूत हो गई। अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध में अमेरिका का पलड़ा भारी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ईरान में भी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं और बहुत जल्द इसके नतीजे आपको दिखाई देंगे।’’
ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमला करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों पर अमल करता है, तो ईरान क्षेत्र में बुनियादी ढांचों पर बड़े पैमाने पर हमले कर सकता है। हाल के दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के बिजलीघरों और पुलों को निशाना बनाने की चेतावनी दोहरायी है, ताकि तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ कमजोर करने के लिए मजबूर किया जा सके। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी भी दोबारा लागू कर दी है, ताकि उसके कच्चे तेल के निर्यात को रोका जा सके। समुद्री आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था ‘लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस’ के अनुसार, महीने की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की साप्ताहिक आवाजाही में लगभग एक-चौथाई की गिरावट दर्ज की गई थी। यह गिरावट हाल के तीव्र जवाबी हमलों से पहले ही आ गई थी।
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