By अभिनय आकाश | Mar 05, 2026
सोशल मीडिया पर दुनिया को यह वीडियो दिखाते हुए यूएस ने कहा कि हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी जहाज को डुबो दिया जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा था। उसे एक टॉर्पिडो ने डुबो दिया। दूसरे विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन जहाज को टॉरपिडो से डूबाने की यह पहली घटना है। यूएस ने यहां जिस जहाज का जिक्र किया है, उसका नाम आईआरआईएस देना है। इसे श्रीलंका के पास इंडियन ओशियन में डूबाया गया। यह ईरानी जहाज भारत से लौट रहा था। आईआरआईएस देना मिलन इंटरनेशनल फ्रीट रिव्यू 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आया था।
यूएस ने अपने दावे को मजबूती देने के लिए सबूत के तौर पर एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें एक जहाज पर अटैक होता हुआ नजर आ रहा है। जहाज पर हमले के अमेरिकी दावे से पहले श्रीलंका नेवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। श्रीलंकाई मीडिया के मुताबिक श्रीलंका नेवी के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपत ने बताया कि ऑपरेशन का मेन फोकस जाने बचाना था। उन्होंने कहा कि सबसे पहले और सबसे जरूरी हमारी प्रायोरिटी उन लोगों को बचाना है जो मुश्किल में जहाज पर सवार थे। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हम जांच कर पाएंगे कि यह घटना कैसे हुई। हम तभी इस पर एक टेक्निकल रिपोर्ट जारी कर पाएंगे। उन्होंने आगे बताया कि जहाज पर सवार लोगों की सही संख्या फिलहाल कंफर्म नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा हमें मिली जानकारी के मुताबिक जब हमारी टीमें मौके पर पहुंची तो हमने एक बड़ा तेल का धब्बा देखा जिससे पता चला कि जहाज डूब गया था।
अब तक 32 ईरानी नागरिकों को बचाया गया है और उन्हें करापीतिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। उनसे जानकारी मिलने के बाद ही हम आगे की जानकारी दे पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्र के इलाके में कई सारी लाशें तैरती हुई मिली हैं और शक है कि वह जहाज क्रू के सदस्य हैं। उन्होंने आगे कहा कि पानी पर तैरते हुए लोगों को बचाया गया है। बाद में जब उनसे पूछताछ की तब पता चला कि वह लोग ईरानी जहाज में सवार लोग थे। उन्होंने यह भी कहा कि जहाज के डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक माना जाता है कि जहाज पर कम से कम 180 लोग थे। हालांकि लापता लोगों की सटीक जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। इस घटना पर वीडियो को रिकॉर्ड किए जाने तक भारत या फिर ईरान की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।