By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 26, 2021
संयुक्त राष्ट्र। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शनिवार को कहा कि रूस, चीन, पाकिस्तान और अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं कि अफगानिस्तान का नया तालिबान शासन अपने वादों को पूरा करे और विशेष रूप से एक वास्तविक प्रतिनिधि सरकार बनाने और चरमपंथ को फैलने से रोकने के लिए काम करे। सर्गेई लावरोव ने कहा कि चारों देश लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि रूस, चीन और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने तालिबान और ‘‘धर्मनिरपेक्ष प्राधिकार वर्ग’’ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने के लिए हाल में कतर और फिर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल की यात्रा की।
लावरोव ने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि जिन वादों की उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है, उन्हें पूरा किया जाए और हमारे लिए यह सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में और इसके बाद एक विस्तृत संवाददाता सम्मेलन में लावरोव ने अफगानिस्तान से अमेरिका की जल्दबाजी में वापसी के लिए बाइडन प्रशासन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और नाटो ने ‘‘परिणामों पर विचार किए बिना... अफगानिस्तान में कई हथियार छोड़े हैं।’’ उन्होंने कहा कि ऐसे हथियारों का इस्तेमाल ‘‘विनाशकारी उद्देश्य’’ के लिए नहीं होना चाहिए।
बाद में महासभा में अपने संबोधन में लावरोव ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर ‘‘आज की प्रमुख समस्याओं को हल करने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को कम करने या इसे दरकिनार करने या किसी के स्वार्थपूर्ण हितों को बढ़ावा देने के लिए इसे एक उपकरण के रूप में लगातार इस्तेमाल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका भी संयुक्त राष्ट्र को दरकिनार कर रहा है।