By नीरज कुमार दुबे | Nov 27, 2024
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच आखिरकार युद्धविराम समझौता हो गया है जोकि संघर्षों में उलझी दुनिया के लिए एक बड़ी खबर है। हम आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस संघर्षविराम का ऐलान करते हुए कहा है कि दोनों पक्षों ने अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता के दौरान रखे गये प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए समझौता कर लिया है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि इज़राइल और ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू हो चुका है। हम आपको बता दें कि युद्धविराम लागू होने के बाद पूरे बेरूत में गोलियों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या गोलीबारी जश्न मनाने के लिए की गई थी?
वैसे हिजबुल्लाह ने युद्धविराम पर औपचारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारी हसन फदलल्लाह ने लेबनान के अल जदीद टीवी को बताया कि हालांकि वह लेबनानी राज्य के अधिकार के विस्तार का समर्थन करता है, लेकिन समूह युद्ध से मजबूत होकर उभरेगा। लेबनान ने एक बयान जारी कर इस सौदे का स्वागत किया। विदेश मंत्री अब्दुल्ला बौ हबीब ने कहा कि इजरायली सैनिकों के हटने के बाद दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सेना के कम से कम 5,000 सैनिक तैनात होंगे। लेबनानी सरकार और हिजबुल्लाह, दोनों ने जोर देकर कहा है कि दक्षिणी लेबनान में विस्थापित नागरिकों की वापसी संघर्ष विराम का एक प्रमुख सिद्धांत है। ईरान ने भी कहा है कि वह युद्धविराम का स्वागत करता है।
दूसरी ओर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह समझौता अमेरिका के निकट सहयोग से इजरायली और लेबनानी अधिकारियों के साथ कई महीनों तक किए गए प्रयासों की परिणति है।
वहीं नेतन्याहू ने कहा कि वह युद्धविराम लागू करने के लिए तैयार हैं लेकिन हिजबुल्लाह के किसी भी उल्लंघन का जोरदार जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि युद्धविराम से इज़राइल को ईरान से खतरे पर ध्यान केंद्रित करने, सेना को आराम करने और आपूर्ति को फिर से भरने का मौका मिलेगा। नेतन्याहू ने कहा, "अमेरिका के साथ पूर्ण समन्वय में हम कार्रवाई की पूर्ण सैन्य स्वतंत्रता बरकरार रखते हैं। यदि हिजबुल्लाह समझौते का उल्लंघन करता है या पीछे हटने का प्रयास करता है, तो हम निर्णायक हमला करेंगे।" उन्होंने कहा कि हमास से संबद्ध हिजबुल्लाह संघर्ष की शुरुआत की तुलना में काफी कमजोर है। उन्होंने कहा, "हमने इसे दशकों पीछे धकेल दिया है, इसके शीर्ष नेताओं को खत्म कर दिया है...इसके अधिकांश रॉकेट और मिसाइलों को नष्ट कर दिया है, हजारों लड़ाकों को मार गिराया है और हमारी सीमा के पास वर्षों से मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट कर दिया है।"
हम आपको बता दें कि समझौते के मुताबिक अमेरिका और फ्रांस UNIFIL शांति सेना के साथ एक तंत्र में शामिल होंगे जो युद्धविराम के संभावित उल्लंघनों को रोकने के लिए लेबनान की सेना के साथ काम करेगा। बाइडन प्रशासन में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने बताया है कि वाशिंगटन समझौते के किसी भी उल्लंघन पर नजर रखेगा। उन्होंने कहा, "इस समझौते का कार्यान्वयन महत्वपूर्ण होगा और इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में दोनों पक्षों ने जो प्रतिबद्धता जताई है, उसे बाधित करने के किसी भी प्रयास के प्रति हम बहुत सतर्क रहेंगे।"
इस बीच, इज़राइल के चैनल 12 टीवी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 37% इज़राइली युद्धविराम के पक्ष में थे, जबकि 32% विरोध में थे। इज़राइल में समझौते के विरोधियों में विपक्षी नेता और लेबनान के साथ इज़राइल की सीमा के पास के शहरों के प्रमुख शामिल हैं, जो लेबनान की सीमा पर एक निर्वासित बफर ज़ोन बनाना चाहते हैं।