Arsenal का 'पुराने जमाने का फुटबॉल' पड़ा भारी, Champions League Final में हार के बाद रणनीति पर उठे गंभीर सवाल।

By Ankit Jaiswal | May 31, 2026

यूरोपीय क्लब फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले में पेरिस सेंट जर्मेन के हाथों मिली हार के बाद आर्सेनल की रणनीति पर जोरदार सवाल उठने लगे हैं। बुडापेस्ट में खेले गए चैंपियंस लीग 2025-26 फाइनल में आर्सेनल को पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद टीम के रक्षात्मक रवैये को लेकर विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की है।

गौरतलब है कि इस पूरे मुकाबले में आर्सेनल का खेल बेहद रक्षात्मक रहा, जिसने फुटबॉल विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। आंकड़ों के मुताबिक आर्सेनल ने फाइनल में सिर्फ 24.7 प्रतिशत गेंद पर कब्जा रखा, जो चैंपियंस लीग फाइनल के इतिहास में सबसे कम में से एक है।

पूर्व चेल्सी मिडफील्डर क्रेग बर्ली ने आर्सेनल की रणनीति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि टीम ने शुरुआती बढ़त लेने के बाद पूरी तरह रक्षात्मक रवैया अपना लिया, जो बड़े मुकाबलों में सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि पेरिस सेंट जर्मेन ने शुरुआत में गोल किया होता तो वे लगातार आक्रमण करते रहते, लेकिन आर्सेनल ने खेल को बचाने की कोशिश की।

बर्ली ने आगे कहा कि आर्सेनल का खेल पुराने जमाने की रक्षात्मक शैली जैसा दिखा, जहां टीम ने लंबे समय तक गेंद को आगे की ओर केवल लंबा पास देकर खेल को सरल बनाने की कोशिश की, जिसे उन्होंने आधुनिक फुटबॉल के खिलाफ बताया।

बता दें कि पूर्व आर्सेनल खिलाड़ी सैमी नासरी ने भी मैच के बाद प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले हाफ में समय बर्बाद करने की कोशिश का असर दूसरे हाफ में दिखा, जहां रेफरी के फैसले लगातार आर्सेनल के खिलाफ जाते नजर आए।

मुकाबले के अतिरिक्त समय में एक विवादित स्थिति भी देखने को मिली, जब आर्सेनल के खिलाफ पेनल्टी क्षेत्र में संभावित फाउल पर वीडियो सहायक रेफरल प्रणाली का उपयोग नहीं किया गया। इस फैसले से टीम के मैनेजर मिकेल आर्टेटा नाराज नजर आए और उन्हें पीला कार्ड भी दिखाया गया।

हालांकि आर्सेनल ने पूरे मैच में रक्षात्मक मजबूती बनाए रखी और मुकाबले को पेनल्टी तक ले जाने में सफल रही। लेकिन पेनल्टी शूटआउट में गैब्रियल मागाल्हैस का चूक जाना टीम के लिए निर्णायक साबित हुआ और पेरिस सेंट जर्मेन ने खिताब अपने नाम कर लिया। इस हार के बाद आर्सेनल की रणनीति पर गंभीर बहस शुरू हो गई है ।

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