By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026
(सागर कुलकर्णी) वॉशिंगटन, पांच नवंबर अमेरिका ने ईरान के प्रतिबंधित तेल परिवहन बेड़े को पेट्रोलियम के परिवहन के लिए फर्जी ध्वज और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के आरोप में चंडीगढ़ के एक दंपति और उनके द्वारा संचालित कंपनियों के नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद पर कई देशों के समुद्री नियामक प्रशासन को धोखा देकर फर्जी ध्वज प्राधिकरण और समुद्री वर्गीकरण समितियां स्थापित करने का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए हैं। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बयान में कहा, ‘‘गुयाना से लेकर इस्वातिनी और लाओस तक लगभग हर महाद्वीप के देशों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हुए शर्मा और जसप्रीत ने ईरान के प्रतिबंधित तेल परिवहन बेड़े को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में मदद की है।
इनमें से कुछ का इस्तेमाल धोखाधड़ी वाले ध्वज पंजीकरण करने के लिए किया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, शर्मा भारत स्थित ओशनिएक टेक्नोलॉजीज इंडिया के प्रबंध निदेशक हैं। आरोप है कि उन्होंने इस कंपनी का इस्तेमाल अरूबा, निकारागुआ और सिंट मार्टेन के नाम से फर्जी ध्वज पंजीकरण स्थापित करने के लिए किया है।
जसप्रीत के अलावा भारतीय नागरिक अश्विनी कुमार धीमान और इश्विंदर सिंह भी शर्मा के कारोबार से जुड़ी कंपनियों में नाममात्र के निदेशक हैं। इनमें आर्यावर्त शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है। जसप्रीत के नियंत्रण वाली भारत स्थित कंपनियों प्रिसेप्ट ट्रेंड्स प्राइवेट लिमिटेड, पोलिनेशिया मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड, एलेक्सार्या फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड, एलेक्सार्या मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, विहाराबोटिंग प्राइवेट लिमिटेड और आर्यावर्त मैरीटाइम एंड एजुकेशनल ट्रस्ट पर भी अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हैं।