By अभिनय आकाश | Feb 13, 2026
सब इंडिया यूएस डील की बात करते रहे और भारत ने ना सिर्फ यूएस बल्कि यूके ईयू गल्फ कंट्रीज सभी से डील साइन कर ली। भारतीय इकॉनमी के लिए एक और डील भी हुई है। एक छोटे से देश के साथ लेकिन यह डील बहुत बड़ी है। भारत और चिली के बीच एक नया कॉम्प्रहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर बातचीत चल रही है। यह समझौता 2007 के प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट को आगे बढ़ाकर बनाया जा रहा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना और भारत को क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई सुरक्षित करना है।
इस एग्रीमेंट में शामिल होगा टेरिफ कम या खत्म करना, सर्विसेस ट्रेड, डिजिटल इकॉनमी रूल्स, इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन, एमएसएमई सपोर्ट, क्रिटिकल मिनरल्स कॉरपोरेशंस और इससे जॉब्स बढ़ सकती हैं। सप्लाई चेन मजबूत होगी।
चिली के पास है लिथियम जो कि वर्ल्ड में सेकंड लार्जेस्ट अमाउंट में है। कॉपर चिली इसका टॉप प्रोड्यूसर है। इसके अलावा कोबाल्ट भी चिली के पास है। यह भारत के लिए जरूरी है क्योंकि यह ईवीज, बैटरीज, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल्स, डिफेंस में इस्तेमाल होते हैं। भारत चाइना पर डिपेंडेंस कम करना चाहता है। इसीलिए चिली से डायरेक्ट सप्लाई चाहता है।