India-US Energy Relations | पश्चिम एशिया संकट! भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए आगे आया अमेरिका

By रेनू तिवारी | Mar 06, 2026

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों के बीच, अमेरिका ने भारत को एक भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार का आश्वासन दिया है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने गुरुवार को रायसीना डायलॉग में स्पष्ट किया कि अमेरिका, भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ज्यादातर आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है। रायसीना डायलॉग में लैंडौ ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि भारत वैकल्पिक स्रोतों के बारे में सोच रहा है। मुझे अमेरिका से बेहतर कोई वैकल्पिक स्रोत नहीं दिखता, हम भारत के साथ सहयोग करना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “हम आपके साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि आपकी अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताएं पूरी हों।” लैंडौ ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का भी जिक्र किया और कहा कि यह ‘‘अब लगभग अंतिम चरण में है।

अमेरिका का प्रस्ताव: एक 'बेहतर विकल्प'

रायसीना डायलॉग में बोलते हुए क्रिस्टोफर लैंडौ ने भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने का सुझाव दिया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:-

वैकल्पिक स्रोत: लैंडौ ने कहा, "मुझे अमेरिका से बेहतर कोई वैकल्पिक स्रोत नहीं दिखता।" उन्होंने भारत को अमेरिकी ऊर्जा बाजार की ओर देखने के लिए प्रोत्साहित किया।

पूर्ण सहयोग का वादा: उन्होंने भारत को आश्वस्त किया कि अमेरिका अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों ही स्तरों पर भारत की ऊर्जा मांग सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेगा।

व्यापार समझौता: लैंडौ ने भारत और अमेरिका के बीच चल रहे प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी सकारात्मक अपडेट दिया, उनके अनुसार यह अब "लगभग अंतिम चरण" में है। 

प्रमुख खबरें

पप्पू यादव पागल हो गए हैं, उनकी पत्नी भी नेता हैं... पूर्णिया सांसद के बयान पर अनंत सिंह का पलटवार

विराट कोहली के नाता तोड़ते ही कर्ज में डूबा One8 Commune , कोर्ट के आदेश के बाद लगा ताला

जानलेवा Heatwave में AC बना आग का गोला, Greater Noida में फटा कंप्रेसर, ये 5 गलतियां कभी न दोहराएं

CM Samrat Choudhary का मास्टरस्ट्रोक! आते ही पलटा Vijay Sinha का फैसला, 224 अधिकारी बहाल