अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का अलर्ट! भारत-पाकिस्तान तनाव और परमाणु संघर्ष का बढ़ता साया

By रेनू तिवारी | Mar 19, 2026

अमेरिकी खुफिया समुदाय की यह ताजा रिपोर्ट किसी डरावनी चेतावनी से कम नहीं है, जो यह संकेत देती है कि भारत और पाकिस्तान के बीच का तनाव केवल कूटनीतिक विवाद नहीं, बल्कि एक परमाणु प्रलय (Nuclear Catastrophe) का सुलगता हुआ ढेर है। रिपोर्ट का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि भले ही दोनों सरकारें युद्ध न चाहें, लेकिन बेलगाम आतंकवादी तत्व किसी भी वक्त एक ऐसा 'ट्रिगर' दबा सकते हैं, जिससे दोनों परमाणु शक्तियां आमने-सामने आ जाएं। तुलसी गबार्ड का यह खुलासा कि पाकिस्तान की मिसाइलें अब केवल भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका तक को निशाना बनाने की क्षमता की ओर बढ़ रही हैं, वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा रेड सिग्नल है। 2035 तक मिसाइल खतरों का 3,000 से बढ़कर 16,000 पार कर जाना इस बात की तस्दीक करता है कि दुनिया एक बेहद अस्थिर और घातक हथियारों की होड़ वाले युग में प्रवेश कर रही है, जहाँ एक छोटी सी गलती भी करोड़ों जिंदगियों को राख में बदल सकती है। 

पिछले साल जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने संघर्ष को भड़काने वाले आतंकवादी हमलों के खतरों को स्पष्ट कर दिया है।’’ दस्तावेज में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया परमाणु तनाव कम हुआ है और हमारा आकलन है कि कोई भी देश खुले संघर्ष में नहीं लौटना चाहता है लेकिन आतंकवादी तत्वों के लिए संकटों को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियां मौजूद हैं।’’

दस्तावेज में कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान और तालिबान के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं और सीमा पार झड़पें होती रहती हैं, क्योंकि इस्लामाबाद अफगानिस्तान में पाक विरोधी आतंकवादी समूहों की उपस्थिति से लगातार निराश रहा है, जबकि इस्लामाबाद को बढ़ती आतंकवादी हिंसा का सामना करना पड़ रहा है।’’ अमेरिका की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने बुधवार को सांसदों को बताया कि पाकिस्तान द्वारा विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में अमेरिका को निशाना बनाने में सक्षम मिसाइलें शामिल हो सकती हैं।

सीनेट खुफिया समिति के समक्ष राष्ट्रीय खुफिया निदेशक गबार्ड ने यह भी कहा कि अमेरिका को होने वाले खतरे वर्तमान में 3,000 से अधिक मिसाइलों से बढ़कर 2035 तक 16,000 से अधिक मिसाइलों तक पहुंचने वाले हैं। गबार्ड ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता सामरिक खतरों से देश की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड से लैस कई नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल वितरण प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं, जो हमारे देश को खतरे की जद में ला सकते हैं।

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