By एकता | Mar 23, 2026
US-Israel-Iran War Live Updates: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इसके जवाब में तेहरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उनके बिजली संयंत्रों पर हमला करता है, तो ईरानी सेना क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाएगी। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि हमले की स्थिति में वे होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी को और अधिक सख्त कर देंगे।
इसी बीच, ईरान ने दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने पर होर्मुज द्वीप के पास एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को रोककर निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे महज एक 'अफवाह' बताया है। दूसरी ओर, इजरायल ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि शनिवार को हुए हमलों के दौरान ईरानी मिसाइलें उसके आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में कैसे कामयाब रहीं। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है।
| Today 12:46 | US-Iran Conflict Updates: Middle East में जंग का संकट! PM Modi आज Lok Sabha में बताएंगे भारत का पूरा Action PlanUS-Iran Conflict Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत का आधिकारिक रुख स्पष्ट करेंगे, जिसमें राजनयिक संतुलन, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभावों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह संबोधन देश की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा की गई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद हो रहा है।
|
| Today 12:43 | US-Iran Conflict: सऊदी अरब में अमेरिकी एयर बेस और बहरीन में US फिफ्थ फ्लीट पर दागीं मिसाइलेंUS-Iran Conflict: अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के खतम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने सोमवार को एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि ईरानी सेनाओं ने मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके सऊदी अरब स्थित 'प्रिंस सुल्तान एयर बेस' और बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के 'फिफ्थ फ्लीट' को निशाना बनाया है। इस हमले ने क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सीधे खतरे को और बढ़ा दिया है। ईरानी समूह ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब का प्रिंस सुल्तान एयर बेस अमेरिकी टोही विमानों की तैनाती के कारण उनके सैन्य अभियानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है। इसी रणनीति के तहत इस बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया है। ईरान की इस कार्रवाई को अमेरिका की क्षेत्रीय उपस्थिति और उसकी सैन्य क्षमताओं को सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। |
| Today 12:41 | Middle East Conflict: हिज्बुल्लाह और ईरानी सेनाओं ने एक साथ उत्तरी इजरायल को बनाया निशानाMiddle East Conflict: अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक घंटे के दौरान उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में हवाई हमले के सायरन गूँज रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों को अंदेशा है कि यह क्षेत्र हिज्बुल्लाह और ईरानी सेनाओं के एक बड़े और समन्वित हमले की चपेट में है। दोनों सेनाएं एक ही समय पर इस क्षेत्र को निशाना बना रही हैं, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। |
| Today 12:40 | West Asia War: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच प्रधानमंत्री का अहम भाषणWest Asia War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर 2 बजे लोकसभा में एक महत्वपूर्ण संबोधन देंगे, जिसमें वे वेस्ट एशिया में जारी गंभीर संकट पर भारत का पक्ष रखेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, वैश्विक शांति के प्रयासों और इस युद्ध का भारत पर होने वाले असर के बारे में विस्तार से चर्चा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में ऊर्जा सुरक्षा, तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति, और क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी साझा करेंगे। |
| Today 11:58 | Iran-US War: CENTCOM ने ईरान में ड्रोन पुर्जे बनाने वाले मुख्य केंद्र को बनाया निशानाIran-US War: अमेरिकी सेना ने सोमवार को उत्तरी-मध्य ईरान के कोम प्रांत में एक बड़ा सैन्य हमला किया है। इस ऑपरेशन में एक टर्बाइन इंजन उत्पादन केंद्र को निशाना बनाया गया, जो विशेष रूप से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के लिए काम करता था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह केंद्र ईरानी सेना के हमलावर ड्रोन और विमानों के लिए महत्वपूर्ण पुर्जे तैयार करने का मुख्य ठिकाना था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि कोम स्थित यह संयंत्र गैस टर्बाइन इंजनों का निर्माण करता था। इन इंजनों का उपयोग उन ड्रोनों में किया जाता था जो क्षेत्र में सैन्य अभियानों के लिए तैनात थे। इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की हवाई हमला करने की क्षमता को कमजोर करना है। |
| Today 11:52 | US-Iran Conflict: एक दिन में 63 सैन्य अभियानों से दहला इजरायल, रॉकेट और ड्रोन का किया इस्तेमालUS-Iran Conflict: ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह ने दावा किया है कि उसने रविवार को इजरायली सेना के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। समूह द्वारा सोमवार तड़के अपने टेलीग्राम चैनल पर जारी किए गए बयान के अनुसार, एक ही दिन में कुल 63 सैन्य हमले किए गए। इन हमलों में इजरायल के भीतर और दक्षिणी लेबनान में मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। हिज्बुल्लाह ने इन ऑपरेशनों के दौरान रॉकेट, ड्रोन और तोपखाने का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। लेबनान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच इन हमलों ने संघर्ष को और तेज कर दिया है। समूह का कहना है कि वह इजराइली सेना की गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। |
| Today 11:49 | Middle East Conflict: अमेरिकी छूट मिलते ही बीजिंग ने शुरू की कच्चे तेल की बड़ी खरीदMiddle East Conflict: ब्लूमबर्ग की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चीन की सरकारी रिफाइनरी कंपनियों ने ईरान से तेल खरीदने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम अमेरिका द्वारा दी गई 30 दिनों की विशेष छूट के बाद उठाया गया है। इस छूट का मुख्य उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति में आ रही कमी को दूर करना और प्रतिबंधों के दबाव को अस्थायी रूप से कम करना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिल सके। इसी कड़ी में, नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के अधिकारी और बिचौलिये व्यापारी सक्रिय हो गए हैं। वे न केवल चीन, बल्कि अन्य एशियाई रिफाइनरी कंपनियों से भी लगातार संपर्क साध रहे हैं। ईरान की कोशिश है कि इस सीमित समय की छूट का पूरा फायदा उठाते हुए अधिक से अधिक संभावित खरीदार तलाशे जाएं और अपने तेल निर्यात को फिर से गति दी जा सके। |
| Today 11:48 | West Asia War: ईरान की दो टूक चेतावनी, पावर प्लांट पर हमला हुआ तो...West Asia War: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इजरायल और अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान के पावर प्लांटों पर हमला हुआ, तो इसका अंजाम बेहद गंभीर होगा। रॉयटर्स के अनुसार, गार्ड्स ने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी भी कार्रवाई के जवाब में इजरायल के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। साथ ही, ईरान ने उन क्षेत्रीय बिजली सुविधाओं पर भी हमला करने की धमकी दी है जो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बिजली सप्लाई करती हैं। एक आधिकारिक बयान में गार्ड्स ने जोर देकर कहा कि यदि उनके बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया, तो वे इसका सीधा और कड़ा जवाब देंगे। इस चेतावनी के साथ ईरान ने अपनी संभावित जवाबी कार्रवाई का दायरा और बड़ा कर दिया है। अब इस संघर्ष में न केवल इजराइली संपत्तियां, बल्कि अमेरिकी अभियानों से जुड़ी क्षेत्रीय सुविधाएं भी ईरान के निशाने पर आ गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। |