By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 27, 2026
अमेरिका के 11 सांसदों के एक समूह ने पाकिस्तान से उस ईसाई महिला के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया है, जिसका कथित तौर पर अपहरण कर उसे इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। कांग्रेस सदस्य क्रिस स्मिथ ने पाकिस्तान सरकार से 18 वर्षीय ईसाई महिला नेहा फकीर की सुरक्षा और मौलिक अधिकारों की रक्षा करने की अपील की। आरोप है कि मार्च में उसका अपहरण किया गया और बाद में उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे इस्लाम कबूल कराया गया।
उन्होंने पाकिस्तान से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि फकीर को अपने परिवार से स्वतंत्र रूप से और निजी तौर पर बातचीत करने का अवसर मिले। स्मिथ ने कहा, “पाकिस्तान का संविधान धार्मिक स्वतंत्रता और कानून के समक्ष समानता की रक्षा करता है, लेकिन अगर कोई युवा महिला सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त नहीं कर सकती, तो इन अधिकारों का कोई खास मतलब नहीं रह जाता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला पाकिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिन्हें अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और जबरन विवाह जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है।’’ ‘क्रिश्चियन सॉलिडैरिटी इंटरनेशनल’ ने 10 जून को फकीर के मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। संगठन ने बताया था कि 24 मार्च को वह सिलाई सीखने गयी थी और उसके बाद से लापता है।
बाद में फकीर लाहौर के एक मदरसे में मिली, जहां उसका कथित तौर पर इस्लाम में धर्म परिवर्तन करा दिया गया था।