By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 17, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम (एसआरआईए) के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों में छूट देना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और निर्यातकों के लिए राहत की बात है। विशेषज्ञों ने कहा कि रूस से प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कच्चे तेल की निरंतर आपूर्ति से उत्पादन लागत को नियंत्रित करने, महंगाई के दबाव को कम करने और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारतीय उद्योग के लिए बेहद जरूरी प्रोत्साहन है और इससे द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
इस फैसले का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ और हाई-टेक गियर्स के चेयरमैन दीप कपूरिया ने कहा कि इस कदम से द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की राह में बची हुई असहमतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि यह व्यावहारिक कदम भारत के निर्यात के समक्ष मौजूद एक बड़े जोखिम को टालता है। इससे खरीदारों का भरोसा बढ़ने और नए ऑर्डर मिलने में मदद मिलेगी।
विशेष रूप से कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण और इंजीनियरिंग उत्पाद जैसे अधिक रोजगार देने वाले क्षेत्रों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए भी सकारात्मक माहौल तैयार होगा।’’ हालांकि, सहाय ने कहा कि इस छूट की समीक्षा की जा सकती है, जिससे भविष्य के अनुबंधों और निवेश को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।